TrendingHeadlinesJharkhandPoliticsStates

झारखंड स्वास्थ्य मिशन: देश में नंबर वन बनेगा राज्य, 42,000 सहियाओं को मिलेंगे डिजिटल टैब: Dr. Irfan Ansari

रांची: राष्ट्रीय सुरक्षित मातृत्व दिवस के अवसर पर चाणक्य BNR में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम में झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री Dr. Irfan Ansari ने राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर दूरगामी विजन साझा किया।

उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार का लक्ष्य झारखंड को स्वास्थ्य सूचकांकों में देश के शीर्ष राज्य के रूप में स्थापित करना है।

एक भी मौत स्वीकार्य नहीं: Dr. Irfan Ansari

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए स्वास्थ्य मंत्री भावुक और सख्त नजर आए। उन्होंने कहा कि “किसी भी महिला को जीवन देते समय अपना जीवन नहीं खोना चाहिए।”

  • शून्य का लक्ष्य: सरकार का संकल्प है कि मातृ मृत्यु दर (MMR) को शून्य के करीब लाया जाए।

  • संस्थागत प्रसव: सहिया और नर्सों की मदद से 24×7 सेवाओं के जरिए अस्पतालों में सुरक्षित प्रसव को बढ़ावा दिया जा रहा है।

  • सम्मान और सुरक्षा: महिलाओं के लिए आर्थिक सहयोग और जन-जागरूकता योजनाओं पर विशेष बल दिया जा रहा है।

स्वास्थ्य क्षेत्र में डिजिटल क्रांति: सहिया कार्यकर्ताओं का सशक्तिकरण

डॉ. इरफान अंसारी ने घोषणा की कि गांव-गांव तक स्वास्थ्य सेवाओं को हाई-टेक बनाया जाएगा:

  • 42,000 टैब का वितरण: अगले एक माह के भीतर राज्य की 42,000 सहिया कार्यकर्ताओं को डिजिटल टैब उपलब्ध कराए जाएंगे।

  • तकनीकी जुड़ाव: इस कदम से ग्रामीण स्तर पर डेटा प्रबंधन और स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी रीयल-टाइम में हो सकेगी।

थैलेसीमिया और एनीमिया पर ‘मेगा प्रहार’

राज्य में कुपोषण और जेनेटिक बीमारियों से लड़ने के लिए मंत्री ने राज्यव्यापी मेगा स्क्रीनिंग अभियान की शुरुआत की बात कही। इसके तहत:

  1. राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के माध्यम से सिकल सेल एनीमिया, थैलेसीमिया और एनीमिया की पहचान के लिए घर-घर जांच होगी।

  2. यूनिसेफ (UNICEF) के सहयोग से व्यवहार परिवर्तन और जागरूकता कार्यक्रमों को गति दी जाएगी।

  3. ममता वाहन सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाया जाएगा ताकि गर्भवती महिलाओं को समय पर अस्पताल पहुंचाया जा सके।

झारखंड: मातृ-शिशु स्वास्थ्य का उभरता मॉडल: Dr. Irfan Ansari

कार्यक्रम में मौजूद विशेषज्ञों और अधिकारियों ने राज्य की प्रगति पर प्रकाश डाला:

  • यूनिसेफ की सराहना: यूनिसेफ की सीएफओ इंचार्ज पारुल शर्मा ने कहा कि झारखंड इस क्षेत्र में एक रोल मॉडल बन रहा है।

  • सिंगल डिजिट का लक्ष्य: स्टेट नोडल ऑफिसर डॉ. पुष्पा ने बताया कि लक्ष्य अब मातृ मृत्यु दर को केरल की तर्ज पर ‘सिंगल डिजिट’ में लाना है।

  • विकास का पैमाना: अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा ने जोर दिया कि राज्य का असली विकास MMR और IMR जैसे स्वास्थ्य संकेतकों से ही मापा जाएगा।

सांस्कृतिक छटा और जागरूकता

इस अवसर पर केडिया बंधु और पंडित मिथिलेश झा की संगीत प्रस्तुतियों ने सकारात्मक ऊर्जा का संचार किया। साथ ही, स्वास्थ्य मंत्री द्वारा उच्च जोखिम गर्भावस्था (HRP) की पहचान और देखभाल से संबंधित एक विशेष मॉड्यूल का भी विमोचन किया गया।

Dr Irfan Ansari, National Safe Motherhood Day, Jharkhand Health Ministry, NHM Jharkhand, Sahiya Digital Tab, Maternal Mortality Rate, UNICEF Jharkhand, Thalassemia Screening, Health Infrastructure Jharkhand, Ranchi News, Digital Health Mission

यह भी पढ़े: इंद्रजीत महतो की घर वापसी: रांची से बोकारो तक स्कॉर्ट की मांग, समर्थकों में उत्साह

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button