ईरान में युग का अंत: सर्वोच्च नेता Ayatollah Ali Khamenei की मौत की पुष्टि, दुनिया पर मंडराया महायुद्ध का खतरा

तेहरान/वॉशिंगटन | Ayatollah Ali Khamenei : मध्य-पूर्व (Middle East) से इस वक्त की सबसे बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है। ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी IRNA, मुख्य चैनल प्रेस टीवी (Press TV) और ईरानी सेना (IRGC) ने आधिकारिक तौर पर पुष्टि कर दी है कि ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई अब नहीं रहे। शनिवार को अमेरिका और इजरायल द्वारा किए गए एक संयुक्त और भीषण हवाई हमले में खामेनेई और उनके परिवार के कई सदस्य मारे गए हैं।
BREAKING: Iran’s Supreme Leader Ayatollah Ali Khamenei confirmed dead after Israeli strike. pic.twitter.com/93y4aFHyod
— Fox News (@FoxNews) February 28, 2026
सर्जिकल स्ट्राइक में Ayatollah Ali Khamenei का दफ्तर जमींदोज
ईरानी मीडिया के अनुसार, हमला उस वक्त हुआ जब 86 वर्षीय खामेनेई तेहरान स्थित अपने दफ्तर में मौजूद थे। इजरायली खुफिया सूत्रों का दावा है कि यह एक “सर्जिकल स्ट्राइक” थी, जिसे अत्याधुनिक हथियारों और सटीक जानकारी के आधार पर अंजाम दिया गया। इस हमले में खामेनेई की बेटी, दामाद और पोते की भी मौत की खबर है।

ईरानी सेना की चेतावनी: “बदला लिया जाएगा”
इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने अपने शोक संदेश में खामेनेई की मौत को “सम्मानित शहादत” करार दिया है। सेना ने अमेरिका और इजरायल (ज़ायोनी शासन) को इस ‘कायराना हमले’ का जिम्मेदार ठहराते हुए भीषण जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी है। ईरान में एक हफ्ते का सार्वजनिक अवकाश और 40 दिनों के शोक की घोषणा की गई है।
डोनाल्ड ट्रंप और नेतन्याहू की प्रतिक्रिया
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डोनाल्ड ट्रंप: अमेरिकी राष्ट्रपति ने सोशल मीडिया पर इस हमले की सफलता की घोषणा करते हुए कहा, “इतिहास के सबसे क्रूर व्यक्तियों में से एक अब नहीं रहा।” उन्होंने इसे ईरानी जनता के लिए ‘स्वतंत्रता का अवसर’ बताया।
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बेंजामिन नेतन्याहू: इजरायली प्रधानमंत्री ने संकेत दिया कि खामेनेई का पूरा ठिकाना पूरी तरह नष्ट कर दिया गया है।
Ayatollah Ali Khamenei का 37 साल का सफर और विवाद
1989 में अयातुल्ला खुमैनी की मृत्यु के बाद सत्ता संभालने वाले खामेनेई ने ईरान को एक नई कट्टरपंथी दिशा दी:
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परमाणु कार्यक्रम: उनके नेतृत्व में ईरान ने परमाणु संवर्धन को ऊंचाइयों पर पहुंचाया, जिससे पश्चिम के साथ टकराव चरम पर रहा।
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एक्सिस ऑफ रेजिस्टेंस: उन्होंने हिज्बुल्लाह और हमास जैसे गुटों को मजबूत कर क्षेत्रीय प्रभाव बढ़ाया।
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दमन के आरोप: 2022 के ‘महसा अमीनी’ आंदोलन सहित कई घरेलू विरोध प्रदर्शनों को उनके शासन में सख्ती से कुचला गया।
ईरान का भविष्य: कौन होगा उत्तराधिकारी?
खामेनेई की मौत के बाद अब ईरान में सत्ता के उत्तराधिकार को लेकर बड़ा संकट खड़ा हो गया है।
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असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स: 88 सदस्यीय यह परिषद अब नए सर्वोच्च नेता का चुनाव करेगी।
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IRGC की भूमिका: माना जा रहा है कि फिलहाल देश की कमान और सुरक्षा रिवोल्यूशनरी गार्ड के हाथों में होगी।
तीसरे विश्व युद्ध की आहट?
ईरान के सैन्य कमांडरों ने इस हमले का बदला लेने की कसम खाई है, जिससे पूरी दुनिया में परमाणु युद्ध या तीसरे विश्व युद्ध की आशंकाएं गहरा गई हैं। तेहरान की सड़कों पर सन्नाटा और दहशत का माहौल है, जबकि वैश्विक शेयर बाजारों और तेल की कीमतों में भारी उथल-पुथल की संभावना जताई जा रही है।



