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विश्व पर्यटन दिवस: हजारीबाग पहुंचे 5.83 लाख पर्यटक, कैनेरी हिल से सूर्यकुंड तक पर्यटन की अपार संभावनाएं

World Tourism Day 2026: हजारीबाग में मई 2024 से अप्रैल 2025 के बीच 5.83 लाख से अधिक पर्यटक पहुंचे।

विश्व पर्यटन दिवस: हजारीबाग पहुंचे 5.83 लाख पर्यटक, कैनेरी हिल से सूर्यकुंड तक पर्यटन की अपार संभावनाएं

Hazaribagh: विश्व पर्यटन दिवस के मौके पर हजारीबाग की पर्यटन संभावनाएं एक बार फिर चर्चा में हैं। प्राकृतिक सुंदरता, धार्मिक स्थलों, जलाशयों, जंगलों और ऐतिहासिक-सांस्कृतिक विरासत से समृद्ध हजारीबाग में मई 2024 से अप्रैल 2025 के बीच 5,83,768 पर्यटक पहुंचे। इनमें 5,83,662 घरेलू और 106 विदेशी पर्यटक शामिल रहे।

कैनेरी हिल से सूर्यकुंड तक कई आकर्षण

हजारीबाग के प्रमुख पर्यटन स्थलों में कैनेरी हिल, हजारीबाग झील, हजारीबाग वन्यजीव अभयारण्य, सूर्यकुंड, कोनार डैम, छड़वा डैम, सिलवार पहाड़ और नरसिंहस्थान मंदिर शामिल हैं। कैनेरी हिल से शहर का मनोरम दृश्य देखने को मिलता है, जबकि हजारीबाग झील और आसपास का क्षेत्र पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र है।

5.83 लाख पर्यटक, विदेशी सैलानियों की संख्या कम

आंकड़ों के मुताबिक हजारीबाग में आने वाले पर्यटकों की संख्या काफी अधिक है, लेकिन विदेशी पर्यटकों की हिस्सेदारी बेहद कम है। एक साल में यहां सिर्फ 106 विदेशी पर्यटकों का आगमन दर्ज किया गया। इससे संकेत मिलता है कि हजारीबाग का पर्यटन फिलहाल मुख्य रूप से घरेलू पर्यटकों पर निर्भर है।

सर्दियों में डैम और जलप्रपात बनते हैं आकर्षण

सर्दियों के मौसम में कोनार डैम, बौधा डैम, छड़वा डैम और जिले के विभिन्न जलप्रपातों पर पर्यटकों की संख्या बढ़ जाती है। कोनार डैम आसपास के राज्यों से आने वाले लोगों के लिए प्रमुख पिकनिक स्थलों में शामिल है।

सूर्यकुंड की गर्म जलधारा भी खास

बरकट्ठा का सूर्यकुंड हजारीबाग के सबसे विशिष्ट पर्यटन स्थलों में से एक है। यहां सूर्यकुंड, लक्ष्मण कुंड, ब्रह्म कुंड, राम कुंड और सीता कुंड जैसे गर्म जलस्रोत हैं। सर्दियों में यहां बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं। वहीं नरसिंहस्थान मंदिर धार्मिक पर्यटन का महत्वपूर्ण केंद्र है।

पर्यटन विकास से रोजगार की उम्मीद

हजारीबाग में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए बेहतर सड़क, साफ-सफाई, पेयजल, शौचालय, पार्किंग, सुरक्षा, गाइड और होम-स्टे जैसी सुविधाओं की जरूरत है। जिले के पारंपरिक खोवार और सोहराय कला से जुड़े गांव भी सांस्कृतिक पर्यटन का आकर्षण बन सकते हैं।

पर्यटन विशेषज्ञों के लिए अब चुनौती सिर्फ पर्यटकों की संख्या बढ़ाना नहीं, बल्कि उन्हें अधिक समय तक हजारीबाग में ठहराना है। पर्यटकों के ठहराव से होटल, परिवहन, स्थानीय बाजार, हस्तशिल्प और छोटे कारोबारों को रोजगार के नए अवसर मिल सकते हैं।

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