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Jharkhand News: रांची में निजी स्कूलों की मनमानी पर प्रशासन सख्त, हर साल फीस बढ़ोतरी पर DC नाराज

रांची में निजी स्कूलों की फीस वृद्धि पर मचा बवाल, प्रशासन ने मांगा जवाब

Jharkhand News: रांची में निजी स्कूलों की लगातार बढ़ती फीस को लेकर अब जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाना शुरू कर दिया है। प्रशासन की चेतावनी के बावजूद कई निजी स्कूल हर साल फीस बढ़ाकर अभिभावकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाल रहे हैं। इसी मुद्दे को लेकर उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री ने सीबीएसई, आईसीएसई और जैक बोर्ड से संबद्ध निजी विद्यालयों के प्राचार्यों के साथ महत्वपूर्ण बैठक की।

“शिक्षा सेवा है, व्यवसाय नहीं”: Jharkhand News

बैठक में उपायुक्त ने साफ शब्दों में कहा कि शिक्षा सेवा का माध्यम है, इसे व्यवसाय बनाना गलत है। उन्होंने कहा कि आरटीई नियमों के अनुसार दो वर्षों में फीस वृद्धि का प्रावधान है, लेकिन कई स्कूल हर साल फीस बढ़ाकर अभिभावकों की जेब पर सीधा असर डाल रहे हैं। उपायुक्त ने उन स्कूलों को कड़ी फटकार लगाई जो लगातार फीस बढ़ा रहे हैं। उन्होंने निर्देश दिया कि अनावश्यक और अत्यधिक फीस वृद्धि पर तुरंत रोक लगाई जाए।

अनुपस्थित प्राचार्यों पर होगी कार्रवाई: Jharkhand News

बैठक में कई स्कूलों के प्राचार्यों की अनुपस्थिति को प्रशासन ने गंभीरता से लिया। उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि अनुपस्थित रहने वाले स्कूलों को शो-कॉज नोटिस जारी किया जाए। इससे साफ संकेत मिल रहा है कि जिला प्रशासन अब केवल चेतावनी तक सीमित नहीं रहना चाहता, बल्कि नियमों का उल्लंघन करने वाले स्कूलों पर कार्रवाई की तैयारी में है।

अभिभावकों में बढ़ रही नाराजगी

पिछले कुछ वर्षों से रांची में अभिभावक स्कूल फीस, वार्षिक शुल्क, डेवलपमेंट फीस और अन्य अतिरिक्त चार्ज को लेकर लगातार विरोध जता रहे हैं। अभिभावकों का आरोप है कि निजी स्कूल हर साल नए नाम पर फीस बढ़ा देते हैं, जबकि सुविधाओं में कोई खास सुधार नहीं होता।

फीस संरचना की होगी समीक्षा

प्रशासन अब सभी निजी स्कूलों की फीस संरचना, बढ़ोतरी के नियम और शुल्क निर्धारण प्रक्रिया की समीक्षा कर सकता है। यदि जांच में नियमों का उल्लंघन पाया गया तो संबंधित स्कूलों पर सख्त कार्रवाई हो सकती है। प्रशासन की इस सख्ती के बाद अभिभावकों को राहत मिलने की उम्मीद जरूर जगी है, लेकिन बड़ा सवाल यही है कि क्या निजी स्कूल अब अपनी मनमानी बंद करेंगे या फिर नियमों को नजरअंदाज करते रहेंगे।

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