झारखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री Babulal Marandi ने रविवार को एक विशेष प्रेस कॉन्फ्रेंस में झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार पर गंभीर आरोप लगाए।
विश्वसनीय सूत्रों से जानकारी मिली है कि मुख्यमंत्री @HemantSorenJMM और कुछ चहेते भ्रष्ट अधिकारियों ने मुझे डराने और झूठे मुक़दमों में फँसाने की साज़िश रची है।
सरकार मेरी जनहित से जुड़ी सक्रियता से डरी हुई है। मैंने शराब घोटाले, खनन माफियाओं, JSSC-JPSC परीक्षा घोटालों और ग्रामीण… pic.twitter.com/aAXii7Xk5b
— Babulal Marandi (@yourBabulal) June 2, 2025
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार और उससे जुड़े कुछ अधिकारियों द्वारा उनके, उनके परिवार और करीबी सहयोगियों पर हमले की साजिश रची जा रही है। उनका आरोप था कि सरकार अपराधियों को सुपारी देकर उनके खिलाफ हमला करवाना चाहती है।
झूठे मुकदमे और चरित्र हनन की हो रही साजिश: Babulal Marandi
श्री मरांडी ने कहा कि उन्हें विश्वसनीय सूत्रों से जानकारी मिली है कि भ्रष्ट अधिकारियों के एक समूह द्वारा उन्हें डराने के लिए हमले, झूठे मुकदमे, चरित्र हनन और फर्जी स्टिंग ऑपरेशनों की योजनाएं बनाई जा रही हैं। उन्होंने दावा किया कि इन सभी गतिविधियों को सरकारी संरक्षण प्राप्त है और यह सब उन्हें चुप कराने की सुनियोजित साजिश है।
भ्रष्टाचार उजागर करने की वजह से निशाने पर: Babulal Marandi
उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से उन्हें इसलिए निशाना बनाया जा रहा है क्योंकि उन्होंने राज्य में हो रहे अनेक घोटालों को बेनकाब किया है। उन्होंने छत्तीसगढ़-झारखंड शराब घोटाला, बालू-पत्थर-कोयला माफिया, ज़मीन घोटाले और JPSC/JSSC की परीक्षाओं में अनियमितताओं जैसे मामलों को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने यह भी कहा कि सत्ता में बैठे कुछ लोगों को उनकी पारदर्शिता की मांग असहज कर रही है।
पहले भी हो चुकी है जानलेवा साजिश: Babulal Marandi
मरांडी ने याद दिलाया कि यह पहला मौका नहीं है जब उन्हें निशाना बनाया जा रहा है। पूर्व में भी शिकारपाड़ा क्षेत्र में उन पर उग्रवादियों से हमले की साजिश की सूचना मिली थी, जिस पर केंद्र सरकार ने संज्ञान लेते हुए उनकी सुरक्षा की ज़िम्मेदारी CRPF को सौंपी थी।
मैं झुकने और डरने वालों में से नहीं: Babulal Marandi
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और उनके करीबी अधिकारियों को सीधा संदेश देते हुए बाबूलाल मरांडी ने कहा कि यदि उन्हें लगता है कि वे उन्हें धमकियों या फर्जी अभियानों से डरा देंगे, तो यह उनकी भूल है। उन्होंने दोहराया कि वे कम बोलते हैं लेकिन कभी डरते नहीं। उन्होंने यह भी कहा कि जब उन्होंने अपने बेटे को उग्रवादियों के हमले में खोया था, तब भी वे नहीं डरे थे—तो अब भी ये साजिशें उन्हें रोक नहीं सकतीं।
जनता और मीडिया से किया जागरूकता का आह्वान
प्रेस कॉन्फ्रेंस के अंत में श्री मरांडी ने राज्य की जनता और मीडिया से आग्रह किया कि वे लोकतंत्र के खिलाफ हो रहे इस दमन और षड्यंत्र को पहचानें और आवाज़ उठाएं। उन्होंने कहा कि यह केवल उनकी लड़ाई नहीं, बल्कि पूरे झारखंड की आवाज़ को बचाने की लड़ाई है।
अंतिम संकल्प: पारदर्शिता और जवाबदेही की लड़ाई
उन्होंने स्पष्ट किया कि झारखंड को अब डर और धमकी की राजनीति से नहीं, पारदर्शिता और जवाबदेही वाली शासन व्यवस्था की जरूरत है। जब तक एक भी न्यायप्रिय नागरिक इस राज्य में जीवित है, तब तक वे झुकेंगे नहीं और लोकतंत्र की रक्षा के लिए डटे रहेंगे।



