रांची/दावोस: झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने स्विट्जरलैंड के दावोस में चल रही विश्व आर्थिक मंच (WEF) की बैठक में एक नया इतिहास रच दिया है। वे WEF में भाग लेने वाले भारत के पहले निर्वाचित आदिवासी नेता बन गए हैं। इस ऐतिहासिक मौके पर विश्व आर्थिक मंच ने उन्हें प्रतिष्ठित ‘व्हाइट बैज’ (White Badge) से सम्मानित किया है, जो राज्य के लिए गौरव का क्षण है।
क्या है ‘व्हाइट बैज’ और इसकी अहमियत?
‘व्हाइट बैज’ WEF द्वारा राष्ट्राध्यक्षों और सरकार के प्रमुखों को दिया जाने वाला सर्वोच्च सम्मान है। यह बैज धारक को WEF कांग्रेस सेंटर और सभी विशेष कार्यक्रमों में पूर्ण और निर्बाध प्रवेश की अनुमति देता है। यह वही सम्मान है जो अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और दुनिया के अन्य शीर्ष नेताओं को प्राप्त है, जो इस वक्त उसी सेंटर में मौजूद हैं।
WEF ने जताई लंबी साझेदारी की इच्छा
विश्व आर्थिक मंच के वरिष्ठ प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर बताया कि WEF झारखंड के साथ एक दीर्घकालिक साझेदारी (Long-term Partnership) विकसित करने का इच्छुक है। उन्होंने मुख्यमंत्री द्वारा भेजे गए औपचारिक पत्र और झारखंड की स्पष्ट विकास दृष्टि (Vision) की सराहना की। WEF का मानना है कि झारखंड वैश्विक सहभागिता के प्रति गंभीर है।
तीन प्रमुख विषयों पर फोकस
बैठक के दौरान भविष्य में साथ मिलकर काम करने के लिए तीन मुख्य क्षेत्रों पर सहमति बनी:
- क्रिटिकल मिनरल्स (Critical Minerals)
- समावेशी और लचीला समाज (Resilient & Inclusive Society)
- जलवायु कार्रवाई और ऊर्जा संक्रमण (Climate Action & Energy Transition)
WEF प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री को साइट विजिट का निमंत्रण दिया और बताया कि मंच के अध्यक्ष झारखंड के साथ भविष्य की संभावनाओं पर संवाद करने के लिए उत्सुक हैं।



