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डीएमएफटी फंड घोटाले के सरगना मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन हैं: Babulal Marandi

'मुख्यमंत्री ने फंड को अपना एटीएम समझ लिया है', भाजपा प्रदेश अध्यक्ष का आरोप

रांची, झारखंड: भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष Babulal Marandi ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर झारखंड में हुए डीएमएफटी (जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट) फंड घोटाले का सरगना होने का गंभीर आरोप लगाया है।

सोमवार को रांची में एक प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए मरांडी ने कहा कि मुख्यमंत्री ने इस फंड को अपना एटीएम समझ लिया है और अधिकारियों को लूट में लगा दिया है, जिसका सारा पैसा उनकी तिजोरी में जा रहा है।

Babulal Marandi News: सीबीआई जांच की मांग

बाबूलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को चुनौती देते हुए कहा कि अगर वह निर्दोष हैं तो उन्हें इस घोटाले की जांच सीबीआई से कराने की अनुशंसा करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यह घोटाला सिर्फ बोकारो जिले तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे प्रदेश में इसी तरह की लूट हुई है, जिसकी जांच आवश्यक है। उन्होंने जोर देकर कहा कि राज्य सरकार की किसी एजेंसी से जांच कराना बेकार है, क्योंकि सरकार खुद इसमें संलिप्त है।

Babulal Marandi News: आंकड़ों के साथ लगाया आरोप

मरांडी ने बोकारो जिले में वित्तीय वर्ष 2024-25 और 2025-26 का हवाला देते हुए बताया कि इस दौरान जिले को 631 करोड़ रुपये का डीएमएफटी फंड मिला। उन्होंने आरोप लगाया कि इस फंड का दुरुपयोग कई योजनाओं में हुआ है, जैसे:

  • 46 पंचायतों में जनरेटर की आपूर्ति
  • 1666 आंगनबाड़ी केंद्रों में डिजिटल मेट्स
  • स्कूलों में टैब लैब और मॉड्यूलर किचन
  • 187 हाई मास्ट लाइट, एलईडी वैन, सौर ऊर्जा पंपसेट की खरीद
  • कौशल विकास और प्लेसमेंट कार्यक्रम

मरांडी ने कहा कि इन सभी कार्यों में बाजार दर से 10 गुना ज्यादा दाम पर सामग्री की आपूर्ति दिखाकर करोड़ों रुपये की लूट हुई है। उन्होंने कहा कि यह घोटाला किसी एक अधिकारी के स्तर पर संभव नहीं है, बल्कि मुख्यमंत्री के इशारे पर ही हुआ है।

प्रधानमंत्री के कल्याणकारी सोच की अनदेखी: Babulal Marandi

बाबूलाल मरांडी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के डीएमएफटी फंड को शुरू करने के पीछे की सोच की सराहना की, जिसका उद्देश्य खनन क्षेत्रों के गरीबों के लिए बुनियादी सुविधाओं जैसे सड़क, बिजली, पानी और स्वास्थ्य की व्यवस्था करना था। उन्होंने आरोप लगाया कि हेमंत सरकार ने इस कल्याणकारी सोच को धरातल पर नहीं उतारा, बल्कि इस फंड की लूट मचा दी।

अंत में, उन्होंने कहा कि भाजपा इस मुद्दे को सड़क से सदन तक उठाएगी और सरकार को सीबीआई जांच कराने के लिए बाध्य करेगी। उन्होंने कहा कि अगर राज्य सरकार ऐसा नहीं करती है, तो केंद्र सरकार इस मामले में हस्तक्षेप करने के लिए सक्षम है।

 

 

 

 

 

 

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