रांची: झारखंड में आसन्न नगर निकाय चुनाव (Municipal Elections) को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने आक्रामक तेवर अपना लिए हैं। रविवार को प्रदेश कार्यालय में हुई उच्चस्तरीय सांगठनिक बैठक में प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने हेमंत सरकार से अविलंब चुनाव की तारीखों का ऐलान करने की मांग की। साथ ही, उन्होंने चुनाव प्रक्रिया को लेकर दो प्रमुख शर्तें भी रखीं-चुनाव ‘दलीय आधार’ (Party Basis) पर हों और ‘ईवीएम’ (EVM) के जरिए कराए जाएं।
’बैलेट नहीं, EVM से हो चुनाव’
आदित्य साहू ने आशंका जताई कि राज्य सरकार प्रशासन को ‘टूल किट’ की तरह इस्तेमाल कर मतदान और मतगणना को प्रभावित कर सकती है। धांधली और भ्रष्टाचार रोकने के लिए यह अनिवार्य है कि चुनाव ईवीएम मशीनों से ही कराए जाएं। उन्होंने साफ कहा कि भाजपा लोकतांत्रिक मर्यादाओं की रक्षा के लिए दलीय आधार पर चुनाव की वकालत करती है, जिससे राजनीतिक कार्यकर्ताओं की भागीदारी सुनिश्चित हो सके।
’हार के डर से भाग रही सरकार’
प्रदेश अध्यक्ष ने हेमंत सोरेन सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार अपनी संभावित हार से डर गई है, इसलिए वह दलीय आधार पर चुनाव कराने से कतरा रही है। उन्होंने दावा किया कि महाराष्ट्र में मिली ऐतिहासिक जीत जैसा परिणाम झारखंड में भी दोहराया जाएगा और भाजपा सभी 48 नगर निकायों में जीत का परचम लहराएगी।
दिग्गजों का लगा जमावड़ा
आदित्य साहू की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में पार्टी के तमाम बड़े नेता शामिल हुए। नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी, केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी, पूर्व सीएम मधु कोड़ा, चंपई सोरेन, संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह, सांसद दीपक प्रकाश, प्रदीप वर्मा और अमर बाउरी समेत कई विधायकों और पदाधिकारियों ने मिलकर चुनावी रणनीति पर मंथन किया।



