
धनबाद: झारखंड के धनबाद जिले के (Dhanbad Gun factory) महुदा थाना क्षेत्र अंतर्गत सिंगड़ा बस्ती में बुधवार देर रात एक अवैध गन फैक्ट्री पर झारखंड एटीएस और पश्चिम बंगाल पुलिस की संयुक्त टीम ने छापेमारी की।
इस कार्रवाई में करीब 3,000 निर्मित और अर्द्धनिर्मित पिस्तौल बरामद की गई हैं। इसके साथ ही मास्टरमाइंड मुर्शीद अंसारी, उसकी पत्नी हीना परवीन समेत 6 लोगों को हिरासत में लिया गया है।
Dhanbad Gun factory: कैसे हुआ खुलासा?
- पश्चिम बंगाल में हाल में हुए एक अपराध में जब्त हथियारों की जांच में सामने आया कि पिस्तौल झारखंड के महुदा में बनी थी।
- अपराधी के स्वीकारोक्ति बयान के आधार पर जांच की दिशा धनबाद की ओर मुड़ी।
- इसके बाद बंगाल पुलिस ने झारखंड एटीएस से संपर्क किया और संयुक्त छापेमारी की योजना बनी।
Dhanbad Gun factory: क्या मिला फैक्ट्री से?
छापेमारी के दौरान भारी मात्रा में हथियार निर्माण सामग्री बरामद की गई, जिनमें शामिल हैं:
- करीब 3000 पिस्तौल (निर्मित और अर्द्धनिर्मित)
- बैरल, लेथ मशीन, ड्रिल मशीन
- ग्रुप कटर, गेज, हेक्सा ब्लेड, और अन्य हथियार बनाने वाले उपकरण
- लोहा, तांबा, पीतल जैसी कच्ची सामग्री
गिरफ्तार आरोपी
- मुर्शीद अंसारी – मुख्य आरोपी, फैक्ट्री का मास्टरमाइंड
- हीना परवीन – मुर्शीद की पत्नी, सहयोगी के तौर पर हिरासत में
- अन्य 4 सहयोगी – जिनकी पहचान और भूमिका की जांच जारी है
Dhanbad Gun factory: कार्रवाई में कौन-कौन शामिल रहा?
- झारखंड एटीएस, बंगाल पुलिस, और महुदा थाना पुलिस
- बाघमारा डीएसपी पुरुषोत्तम कुमार सिंह, एटीएस पुअनि मंगल हेम्ब्रम और समीर भगत
- लगभग 100 से ज्यादा जवानों की टीम ने फैक्ट्री को घेरकर ऑपरेशन अंजाम दिया
सुरक्षा एजेंसियों के लिए चेतावनी
धनबाद जैसे औद्योगिक क्षेत्र में इतनी बड़ी अवैध हथियार फैक्ट्री का संचालन सुरक्षा तंत्र के लिए बड़ी चुनौती है। यह घटना न सिर्फ झारखंड बल्कि पूर्वी भारत में हथियार तस्करी नेटवर्क के मजबूत होने का संकेत देती है।
पुलिस अब यह जांच कर रही है कि इन हथियारों की आपूर्ति किन राज्यों और किन संगठनों तक की जा रही थी।
धनबाद की गन फैक्ट्री का भंडाफोड़ एक बड़ी कामयाबी है, लेकिन यह घटना दिखाती है कि झारखंड के ग्रामीण इलाकों में किस तरह संगठित अवैध कारोबार पनप रहा है। अब इस नेटवर्क को तोड़ने के लिए और भी कड़ी कार्रवाई की ज़रूरत है।



