
अपनी लंदन यात्रा के दौरान झारखंड के CM Hemant Soren ने वहां काम कर रहे झारखंड मूल के लोगों से खास मुलाकात की। इस संवाद कार्यक्रम में बड़ी संख्या में नर्स, केयरगिवर्स, घरेलू कर्मी और सेवा क्षेत्र से जुड़े अन्य लोग शामिल हुए।
वर्ल्ड इकोनोमिक फोरम, दावोस तथा यूनाइटेड किंगडम में युवा झारखण्ड की समृद्ध विरासत, अपार संभावनाओं और प्रकृति के समन्वय के साथ विकास के हमारे संकल्प को दुनिया के सामने रखने के बाद आज रांची में अपने लोगों के बीच लौटा हूं।
दुनिया ने देखा है कि युवा झारखण्ड और हमारे लोगों में… pic.twitter.com/20yv6DuSFs
— Hemant Soren (@HemantSorenJMM) January 27, 2026
सीएम ने भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार देश के बाहर काम कर रहे अपने नागरिकों की गरिमा, सुरक्षा और कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है।
दूरी के बावजूद दिल में बसता है झारखंड: CM Hemant Soren
संवाद के दौरान वहां मौजूद कामगारों ने विदेशों में काम करने के अपने खट्टे-मीठे अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि भले ही वे वर्षों से यूके में रह रहे हैं, लेकिन झारखंड उनके संस्कारों, मूल्यों और पहचान में आज भी जीवित है। हालांकि, उन्होंने काम के दौरान आने वाली कई चुनौतियों की ओर भी मुख्यमंत्री का ध्यान खींचा। मुख्यमंत्री ने उनकी बातें ध्यान से सुनीं और माना कि ये कामगार वैश्विक स्तर पर राज्य की पहचान को मजबूत कर रहे हैं।

कानूनों का अध्ययन करेगी सरकार: CM Hemant Soren
कामगारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए मुख्यमंत्री ने एक अहम घोषणा की। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा विदेशों में रहने वालों के लिए बनाए जाने वाले कानूनों के प्रावधानों का झारखंड सरकार अध्ययन करेगी। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जिस तरह राज्य के भीतर कामगारों के हितों की रक्षा होती है, उसी तरह विदेशों में भी उन्हें सुरक्षा मिले। इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने वहां मौजूद भारतीय राजदूत से भी विशेष बातचीत की।
ये लोग रहे मौजूद
इस महत्वपूर्ण बैठक में रेनू लाकड़ा, अंजू लाकड़ा, सिस्टर ज्योति, फुलकारी एक्का, मार्था टोप्पो, मैरी खाखा, कॉसमोस कुजूर, तारा तिर्की, सरोज टोप्पो, प्लेसिडियस टोप्पो, एलिज़ाबेथ कुजूर, विजय कुजूर और जैसिंटा कुजूर समेत कई प्रवासी झारखंडी मौजूद थे।



