राँची | Jharkhand में युवाओं की रगों में घुल रहे नशे के कारोबार को जड़ से मिटाने के लिए सोरेन सरकार ने कमर कस ली है।
शनिवार को विधानसभा सत्र के दौरान सरकार ने नशीले पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए जिलावार टास्क फोर्स के गठन और जेलों की सुरक्षा पुख्ता करने के लिए 4G जैमर लगाने की बड़ी घोषणा की।
Jharkhand News: हर जिले में टास्क फोर्स: ड्रग माफियाओं की खैर नहीं
सदन में बढ़ते ड्रग्स कारोबार पर विधायकों की चिंता का जवाब देते हुए आबकारी मंत्री योगेंद्र महतो ने स्पष्ट किया कि सरकार ‘सफेद जहर’ के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाएगी।
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सघन अभियान: मंत्री ने घोषणा की कि राज्य के सभी 24 जिलों में एक विशेष टास्क फोर्स का गठन किया जाएगा। यह टीम न केवल ड्रग्स की सप्लाई चेन को तोड़ेगी, बल्कि अवैध व्यापार में शामिल बड़ी मछलियों पर भी नकेल कसेगी।
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सरकार का संकल्प: महतो ने कहा, “हम झारखंड के युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ नहीं होने देंगे। ड्रग्स के व्यापार पर रोक लगाने के लिए हर संभव कड़ा कदम उठाया जाएगा।”
जेलों से नहीं चलेगा नेटवर्क: लगेंगे 4G जैमर
नशे के साथ-साथ अपराध नियंत्रण के लिए भी सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। भाजपा विधायक देवेंद्र कुंवर द्वारा जेलों में मोबाइल नेटवर्क के दुरुपयोग का मुद्दा उठाए जाने पर मंत्री योगेंद्र प्रसाद महतो ने आश्वासन दिया:
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सुरक्षा कवच: राज्य की जेलों में अपराधियों द्वारा मोबाइल के इस्तेमाल को रोकने के लिए जल्द ही 4G नेटवर्क जैमर लगाए जाएंगे।
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अपराध पर लगाम: जेलों के भीतर से संचालित होने वाले आपराधिक नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए तकनीकी रूप से जेलों को अपग्रेड किया जा रहा है।
विपक्ष ने घेरा: ‘सफेद जहर’ से बढ़ रहा अपराध का ग्राफ
इससे पहले भाजपा विधायक रोशन लाल चौधरी ने हजारीबाग और रामगढ़ जैसे जिलों का हवाला देते हुए सरकार को घेरा।
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चिंताजनक आंकड़े: चौधरी ने बताया कि राज्य में 2019 से 2023 के बीच NDPS एक्ट के तहत लगभग 2,396 मामले दर्ज हुए थे, जो अब और बढ़ गए हैं।
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अपराध में बढ़ोतरी: उन्होंने आरोप लगाया कि पतरातू, बड़कागांव और केरेडारी जैसे क्षेत्रों में ड्रग्स की वजह से चोरी और लूट जैसी घटनाओं में भी इजाफा हुआ है। हाल ही में करोड़ों की बरामदगी इस बात का सबूत है कि ड्रग माफियाओं की पैठ गहरी हो चुकी है।
सदन में हुई इन घोषणाओं से साफ है कि झारखंड सरकार अब नशे के सौदागरों के खिलाफ एक संगठित युद्ध छेड़ने की तैयारी में है। टास्क फोर्स और जेलों में जैमर लगने से न केवल नशे की लत पर लगाम लगेगी, बल्कि राज्य की कानून-व्यवस्था में भी सुधार होने की उम्मीद है।
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