UPSC 2025: झारखंड के दुमका जिले की बेटी सुदीपा दत्ता ने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा परीक्षा 2025 में ऑल इंडिया रैंक 41 हासिल कर पूरे जिले का नाम रोशन कर दिया है।
साधारण परिवार से आने वाली सुदीपा ने बिना बड़े कोचिंग संस्थान की मदद के घर पर रहकर और राजकीय पुस्तकालय में पढ़ाई कर यह बड़ी सफलता हासिल की। उनकी इस उपलब्धि से दुमका सहित पूरे झारखंड में खुशी का माहौल है और लोग उन्हें बधाई दे रहे हैं।
साधारण परिवार से निकलकर हासिल की बड़ी सफलता: UPSC 2025
सुदीपा दत्ता मूल रूप से दुमका के कुमड़ाबाद की रहने वाली हैं। उनके पिता सच्चिदानंद दत्ता डाकघर में पोस्टमास्टर के पद पर कार्यरत हैं, जबकि उनकी मां पंपा दत्ता गृहिणी हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद सुदीपा ने मेहनत और दृढ़ संकल्प के दम पर यूपीएससी जैसी कठिन परीक्षा में शानदार सफलता हासिल की है।
तीसरे प्रयास में मिली कामयाबी: UPSC 2025
जानकारी के अनुसार यह सुदीपा का तीसरा प्रयास था। इससे पहले वे एक बार इंटरव्यू तक पहुंच चुकी थीं, लेकिन कुछ अंकों से अंतिम सूची में जगह बनाने से चूक गई थीं। हालांकि उन्होंने हार नहीं मानी और लगातार तैयारी जारी रखी। उनकी मेहनत रंग लाई और इस बार उन्होंने शानदार रैंक हासिल कर ली।
दुमका में रहकर की UPSC की तैयारी: UPSC 2025
सुदीपा की शुरुआती पढ़ाई सेंट जोसेफ स्कूल, बांका से हुई। इसके बाद उन्होंने सिदो-कान्हू हाई स्कूल, दुमका से 12वीं की पढ़ाई पूरी की। स्नातक की पढ़ाई उन्होंने ए एंड कॉलेज, दुमका से की। खास बात यह है कि उन्होंने दुमका में रहकर ही यूपीएससी की तैयारी की।
तैयारी के दौरान वे नियमित रूप से राजकीय पुस्तकालय, दुमका में पढ़ाई करती थीं। यहां होने वाले ग्रुप डिस्कशन और मॉक टेस्ट में भाग लेकर उन्होंने अपनी तैयारी को और मजबूत किया।
पहले भी हो चुका है सरकारी चयन
यूपीएससी में सफलता से पहले सुदीपा का चयन झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) के माध्यम से सीडीपीओ (बाल विकास परियोजना पदाधिकारी) पद के लिए भी हो चुका है। उनकी सफलता इस बात का उदाहरण है कि सीमित संसाधनों के बावजूद अगर मेहनत और लगन हो तो बड़े से बड़ा लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। सुदीपा की इस उपलब्धि पर उनके परिवार, मित्रों और शिक्षकों ने खुशी जताई है और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।


