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महिलाओं के दम पर आत्मनिर्भर बन रहा झारखंड: मंत्री दीपिका पांडेय सिंह

मनरेगा से उद्यमिता तक, झारखंड की महिलाएं बनीं नई मिसाल

महिलाओं के आत्मविश्वास से झारखंड गढ़ रहा आत्मनिर्भर भविष्य

रांची:
झारखंड की राजधानी रांची में आयोजित दैनिक भास्कर विमेन प्राइड अवार्ड्स 2026 में महिलाओं के साहस, संघर्ष और उपलब्धियों को सम्मानित किया गया। इस कार्यक्रम में राज्य की ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने समाज में बदलाव ला रही महिलाओं को सम्मानित किया और उनके योगदान की सराहना की।


“महिलाएं बन रही हैं बदलाव की अग्रदूत”

मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि झारखंड की महिलाएं आज आत्मविश्वास और मेहनत के दम पर नई पहचान बना रही हैं। खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाएं अब सिर्फ घर तक सीमित नहीं हैं, बल्कि आर्थिक और सामाजिक बदलाव की अगुवाई कर रही हैं।

उन्होंने बताया कि झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी (JSLPS) से जुड़ी महिलाएं स्वरोजगार के जरिए आत्मनिर्भर बनी हैं और अब उनके उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी पहचान मिल रही है।


पर्यावरण और रोजगार, दोनों में योगदान

झारखंड की महिलाओं ने पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय काम किया है। समूहों से जुड़ी महिलाओं ने लगभग 2.75 करोड़ फलदार और टिंबर के पेड़ लगाकर हरित विकास की मिसाल पेश की है।

इतना ही नहीं, आम जैसे उत्पादों का निर्यात कर उन्होंने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूत किया है।


मनरेगा में बढ़ी महिलाओं की भागीदारी

मंत्री ने बताया कि मनरेगा में महिलाओं की भागीदारी लगातार बढ़ रही है।

  • राज्य में 52% जॉब कार्ड महिलाओं के पास
  • ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिल रही मजबूती
  • महिलाओं का आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण तेज

संघर्ष से सफलता तक की कहानी

दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि कठिन परिस्थितियों के बावजूद झारखंड की महिलाएं आज सजग, सशक्त और आत्मनिर्भर बन रही हैं। उनका संघर्ष और समर्पण आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।

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