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Jharkhand Vidhan Sabha में हेमंत सरकार पर सवालों की बौछार, कांग्रेस ने ही घेरा

Jharkhand Vidhan Sabha में स्वर्णरेखा परियोजना, रांची में 20 करोड़ रुपये के गबन मामले को लेकर हेमंत सरकार विपक्ष ही नहीं, बल्कि अपनी सहयोगी कांग्रेस के तीखे सवालों से भी घिर गई।

कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रदीप यादव ने इस मुद्दे पर सरकार को कटघरे में खड़ा कर दिया और अल्टीमेटम तक दे डाला।

Jharkhand Vidhan Sabha: एसीबी करेगी घोटाले की जांच

पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने सदन में जानकारी दी कि स्वर्णरेखा परियोजना में हुए गबन की जांच एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) को सौंपी गई है।

  • उन्होंने स्वीकार किया कि लिपिक सह कैशियर संतोष कुमार ने फर्जी हस्ताक्षर कर करोड़ों रुपये गबन किए।
  • जांच में प्राथमिक दोषी पाए जाने के बाद संतोष कुमार के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई।
  • मामले की जांच एसीबी को सौंपने की सिफारिश की गई है।

Jharkhand Vidhan Sabha: प्रदीप यादव का सवाल: अभियंताओं पर कार्रवाई क्यों नहीं?

प्रदीप यादव ने सरकार से सख्त सवाल किए और पूछा कि केवल कैशियर पर कार्रवाई क्यों हो रही है, जबकि तत्कालीन मुख्य अभियंता प्रभात कुमार सिंह और कार्यपालक अभियंता चंद्रशेखर को भी जांच में दोषी पाया गया है?

  • उन्होंने सवाल उठाया कि विपत्र (बिल) में कार्यपालक अभियंता के भी हस्ताक्षर होते हैं, तो फिर उन पर प्राथमिकी क्यों नहीं हुई?
  • मंत्री ने जवाब दिया कि इन अभियंताओं के खिलाफ विभागीय कार्यवाही चलाने का निर्णय लिया गया है।
  • इस पर प्रदीप यादव ने विभागीय जांच को महज खानापूर्ति करार दिया और कहा कि अगर अभियंताओं पर एफआईआर नहीं हो रही, तो सरकार उन्हें विभागीय कार्यवाही से भी मुक्त कर दे।

Jharkhand Vidhan Sabha: झामुमो और कांग्रेस के विधायकों ने भी किया समर्थन

प्रदीप यादव की मांग को झामुमो और कांग्रेस के कई विधायकों ने समर्थन दिया।

  • झामुमो विधायक स्टीफन मरांडी और हेमलाल मुर्मू ने अभियंताओं के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की।
  • रामेश्वर यादव और मथुरा महतो ने भी सवाल उठाए कि जब छोटे कर्मचारी के खिलाफ केस दर्ज हो सकता है, तो अभियंताओं पर क्यों नहीं?
  • स्टीफन मरांडी ने अभियंताओं को बचाने की कोशिश करने का आरोप भी लगाया।

Jharkhand Vidhan Sabha: प्रदीप यादव ने दी धरने की चेतावनी

प्रदीप यादव ने स्पष्ट चेतावनी दी कि अगर अभियंताओं के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज नहीं हुई, तो वे धरने पर बैठ जाएंगे।

  • मामले की गंभीरता को देखते हुए विधानसभा अध्यक्ष रबीन्द्रनाथ महतो ने मंत्री को सदन की भावना को समझने और संतोषजनक जवाब देने का सुझाव दिया।
  • स्पीकर ने चेतावनी दी कि यदि मंत्री कोई ठोस जवाब नहीं देंगे, तो उन्हें नियमन देना पड़ेगा।

सरकार ने मांगा एक हफ्ते का समय

मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने कहा कि विभागीय जांच के परिणामों के आधार पर अभियंताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

  • उन्होंने एक सप्ताह का समय मांगा और कहा कि वर्तमान सत्र में ही की गई कार्रवाई की जानकारी दे दी जाएगी।
  • इसपर प्रदीप यादव ने भी प्रश्न को एक हफ्ते के लिए स्थगित करने का अनुरोध किया, जिसे स्पीकर ने मंजूर कर लिया।

स्वर्णरेखा परियोजना में हुए घोटाले को लेकर हेमंत सरकार विपक्ष के बजाय अपने ही सहयोगियों के निशाने पर आ गई।

  • प्रदीप यादव और अन्य कांग्रेस-झामुमो विधायकों ने अभियंताओं के खिलाफ एफआईआर की मांग की।
  • सरकार ने फिलहाल विभागीय जांच का हवाला दिया और एक सप्ताह का समय मांगा।
  • विधानसभा में इस मुद्दे पर लगभग आधे घंटे तक गरमागरम बहस हुई।

अब देखने वाली बात यह होगी कि एक सप्ताह बाद सरकार क्या कदम उठाती है और क्या अभियंताओं पर भी प्राथमिकी दर्ज होती है या नहीं।

 

 

 

 

 

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