
Jharkhand Vidhan Sabha का शीतकालीन सत्र 2025 आज प्रभावशाली आक्रामकता, प्रश्नों और बहस के साथ शुरू हुआ। इस सत्र में विपक्ष और सत्ता पक्ष दोनों ही पूरी तैयारी के साथ उतरे।
झारखण्ड विधान सभा में मुख्यमंत्री श्री @HemantSorenJMM का स्वागत एवं अभिवादन मुख्य सचिव श्रीमती अलका तिवारी, प्रधान सचिव, मंत्रिमंडल सचिवालय एवं समन्वय विभाग श्रीमती वंदना दादेल, प्रभारी सचिव, झारखण्ड विधान सभा श्री माणिक लाल हेंब्रम ने किया।#MonsoonSession2025 #Jharkhand pic.twitter.com/RZYTVweueM
— Office of Chief Minister, Jharkhand (@JharkhandCMO) August 1, 2025
विधानसभा अध्यक्ष रबिन्द्र नाथ महतो की अध्यक्षता में सत्र की शुरुआत श्रद्धांजलि और शोक प्रस्तावों से हुई। हाल के सुरक्षा घटनाक्रमों के कारण पूरे परिसर में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था रही और दर्शक दीर्घा में प्रवेश पर विशेष सख्ती बरती गई।
Jharkhand Vidhan Sabha : प्रश्नकाल और तत्काल बहसें
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सबसे पहले प्रश्नकाल में बिजली संकट, कृषि, सिंचाई, ग्रामीण विकास, शिक्षा, स्वास्थ, बेरोजगारी, महिला सुरक्षा, सड़क और जलापूर्ति जैसे रोज़मर्रा के सवालों पर जवाब-तलब हुआ।
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विपक्षी विधायकों ने कई बार मंत्री के जवाबों से असंतुष्टि जताते हुए स्थगन प्रस्ताव और शोरगुल किया। कुछ गंभीर स्थानीय समस्याओं—जैसे बालू घाटों की लीज नीति, फसल क्षति मुआवजा व शिक्षकों की नियुक्ति—पर सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों के सदस्यों ने सरकार से जवाब मांगा।
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इस दौरान बेलगाम हंगामे के बीच कई बार कार्यवाही थोड़ी देर के लिए स्थगित भी करनी पड़ी2।
Jharkhand Vidhan Sabha : विपक्षी दलों की रणनीति और मुद्दे
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भाजपा ने झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के नेतृत्व वाली सत्तारूढ़ गठबंधन सरकार को भ्रष्टाचार, प्रशासनिक सुस्ती, विधि-व्यवस्था और घुसपैठ जैसे मुद्दों पर घेरने की रणनीति अपनाई।
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विपक्ष ने कहा कि राज्य सरकार योजनाओं के जमीनी क्रियान्वयन एवं जनता तक लाभ न पहुंचने में विफल रही है।
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जनजातीय कल्याण, छात्रवृत्ति वितरण, नौकरी में आरक्षण और परिसंपत्तियों की लीज जैसी लंबित समस्याएं भी प्रमुखता से उठीं।
Jharkhand Vidhan Sabha : सरकार की तरफ से जवाबी हमला और घोषणाएँ
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मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सरकार के सभी प्रमुख कार्यों—अभुआ आवास योजना, मैया सम्मान योजना, ग्रामीण सड़क निर्माण, कृषि ऋण माफी, मुफ्त बिजली—का विस्तार से उल्लेख करते हुए विपक्ष के आरोपों को सिरे से नकारा।
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सरकार का दावा रहा कि पिछले 18 महीने में 1.7 लाख किसानों के 366 करोड़ रुपये के कर्ज माफ हुए, बिजली बिल माफी और सिंचाई योजनाओं ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती दी।
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महिला सशक्तिकरण के लिए शुरू की गई योजनाओं और सरकार की पारदर्शिता व जवाबदेही व्यवस्था पर भरोसा जताया गया।
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मुख्यमंत्री और कृषि मंत्री ने सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने की रणनीति पर भी चर्चा की।
Jharkhand Vidhan Sabha : विधायी कार्य तथा महत्वपूर्ण वाद-विवाद
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आज की कार्यवाही में झारखंड विधानसभा के आगामी शीत कालीन सत्र की कार्यसूची पर भी चर्चा हुई, जिसमें आगामी दिनों में शिक्षा, स्वास्थ्य, कानून-व्यवस्था, कृषि क्षेत्र में क्षति और मुआवजा नीति, जल-जंगल-जमीन से जुड़े विधेयकों पर बहस की योजना है।
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कई सदस्यों ने राज्य के विभिन्न रेलवे और हवाई अड्डा परियोजनाओं में हो रही देरी और भूमि अधिग्रहण के मुद्दे पर ध्यानाकर्षण प्रस्ताव भी पेश किए।
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वक्ताओं ने सत्र के संचालन में अधिक अनुशासन और जनहित पर फोकस रखने का आह्वान किया।
सुरक्षा और व्यवस्था
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दिल्ली संसद घटना से सबक लेते हुए विधानसभा परिसर में सुरक्षा व्यवस्था में इस बार कई सख्त प्रावधान किए गए हैं2।
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दर्शक दीर्घा में प्रवेश काफी नियंत्रित रहा।
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प्रवेशद्वारों और सदन के भीतर व बाहर भारी पुलिस बल की तैनाती रही।
शीतकालीन सत्र का पहला दिन ही तीखे सवाल-जवाब, बहस और विधायक दलों की सक्रियता से भरा रहा। आगामी दिनों में भूमि अधिकार, किसान समस्याएं, महिला सुरक्षा, शिक्षा और स्वास्थ्य पर कई महत्वपूर्ण बिल, बहस और सरकारी घोषणाएं होने की संभावना जताई जा रही है। सदन सजग है और भारी सुरक्षा के बीच चुनौतियों व जनआकांक्षाओं पर केंद्रित बहसों की पूरी उम्मीद है।
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