
नेमरा, रामगढ़ – दिशोम गुरु Shibu Soren जी के पारंपरिक श्राद्ध कर्म की तैयारियां पूरे गांव में बड़े श्रद्धा और उत्साह के साथ चल रही हैं। गांव की गलियों और पूजा स्थल को सजाया गया है, और पूरे माहौल में व्यवस्थाओं की हलचल देखी जा रही है।
परिजनों, रिश्तेदारों और दूर-दराज से आए ग्रामीणों के सहयोग से पारंपरिक रीति-रिवाजों और स्थानीय मान्यताओं के अनुरूप इस महत्वपूर्ण आयोजन की तैयारी की जा रही है। मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन स्वयं गांव में रहकर तैयारियों पर व्यक्तिगत रूप से नजर रखे हुए हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि आने वाले लोगों के लिए यातायात, पेयजल, भोजन, चिकित्सा सहायता, सुरक्षा और ठहरने की व्यवस्थाएं पूरी तरह सुनिश्चित की जाएं।
Shibu Soren News: श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्थाएं
आने वाले लोगों की सुविधा के लिए प्रशासन ने व्यापक इंतजाम किए हैं। पार्किंग से लेकर आयोजन स्थल तक लोगों को लाने-ले जाने के लिए 300 से अधिक ई-रिक्शा की व्यवस्था की गई है। गाड़ियों के लिए 3 बड़े पार्किंग स्थल बनाए गए हैं, जिनके पीछे बायो-टॉयलेट की सुविधा भी दी गई है। पैदल आने वाले श्रद्धालुओं के लिए रास्तों पर छायादार शेड और विश्राम स्थल बनाए गए हैं, ताकि उन्हें धूप और बारिश से बचाया जा सके। भोजन के लिए 3 बड़े पंडाल तैयार किए गए हैं, जहां एक साथ बड़ी संख्या में लोग भोजन कर सकेंगे। यहां स्थानीय व्यंजनों और पारंपरिक प्रसाद को परोसा जाएगा, और स्वच्छता बनाए रखने के लिए बड़ी संख्या में स्वयंसेवक तैनात रहेंगे।
Shibu Soren News: सुरक्षा और नियंत्रण की पुख्ता तैयारी
श्राद्ध कर्म के दौरान सुरक्षा और ट्रैफिक नियंत्रण के लिए धूमकुड़िया में एक पुलिस कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। सुरक्षा व्यवस्था में 10 आईपीएस अधिकारी, 60 डीएसपी, 65 इंस्पेक्टर और 2500 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे। प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट मोड में है। यातायात प्रबंधन, आपातकालीन सेवाओं और भीड़ नियंत्रण के लिए पुलिस, प्रशासन और स्वयंसेवकों की टीमें चौबीसों घंटे सक्रिय रहेंगी।
गुरुजी के जीवन पर विशेष प्रदर्शनी
इस अवसर पर गुरुजी के जीवन संघर्ष, राजनीतिक योगदान, आदिवासी समाज के उत्थान में उनकी भूमिका और जनसेवा की मिसाल को दर्शाने के लिए एक विशेष प्रदर्शनी और स्मृति दीर्घा भी तैयार की जा रही है। इसमें उनके जीवन से जुड़ी दुर्लभ तस्वीरें, ऐतिहासिक दस्तावेज और उनके कार्यकाल की उपलब्धियां प्रदर्शित की जाएंगी।
यह भी पढ़े: राजकीय सम्मान के साथ पंचतत्व में विलीन हुए दिशोम गुरु Shibu Soren, अंतिम जोहार के लिए उमड़ा जनसैलाब



