मुख्यमंत्री सारथी योजना पर सियासी घमासान, विनोद पांडेय बोले- रोजगार पर केंद्र से जवाब मांगे भाजपा

झारखंड में रोजगार पर सियासत तेज, सारथी योजना को लेकर भाजपा पर विनोद पांडेय का पलटवार

मुख्यमंत्री सारथी योजना पर सियासी घमासान, विनोद पांडेय बोले- हर साल 2 करोड़ रोजगार का क्या हुआ?

रांची: झारखंड में मुख्यमंत्री सारथी योजना को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के महासचिव विनोद पांडेय ने भाजपा के सवालों पर पलटवार करते हुए केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार से रोजगार के वादों का हिसाब मांगा है। उन्होंने कहा कि युवाओं के रोजगार को लेकर सवाल उठाने से पहले भाजपा को यह बताना चाहिए कि हर साल दो करोड़ रोजगार देने के वादे का क्या हुआ।

विनोद पांडेय ने दावा किया कि देश के विभिन्न हिस्सों में युवा रोजगार और भर्ती से जुड़े मुद्दों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। उनके मुताबिक, भाजपा को झारखंड सरकार की योजना पर सवाल उठाने के साथ-साथ केंद्र सरकार के रोजगार संबंधी वादों पर भी जवाब देना चाहिए।

मुख्यमंत्री सारथी योजना को लेकर क्या बोले विनोद पांडेय?

झामुमो महासचिव ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में झारखंड सरकार युवाओं को कौशल प्रशिक्षण, रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री सारथी योजना का उद्देश्य युवाओं को रोजगारपरक प्रशिक्षण देकर आत्मनिर्भर बनाने की पहल बताया।

विनोद पांडेय ने भाजपा से योजना के क्रियान्वयन पर सवाल उठाने के दौरान तथ्य सामने रखने की मांग की। उन्होंने कहा कि रोजगार के मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी के बजाय युवाओं को मिले अवसरों और योजनाओं के परिणामों पर चर्चा होनी चाहिए।

केंद्र सरकार पर झारखंड के साथ भेदभाव का आरोप

विनोद पांडेय ने केंद्र की भाजपा सरकार पर झारखंड के साथ सौतेला व्यवहार करने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि राज्य की जनकल्याणकारी योजनाओं के लिए केंद्रांश की राशि समय पर नहीं मिलने से उनके क्रियान्वयन पर असर पड़ सकता है।

उन्होंने केंद्र सरकार से राज्यों को उनके हिस्से की राशि समय पर उपलब्ध कराने की मांग की। उनके अनुसार, गरीबों, जरूरतमंदों और आम लोगों से जुड़ी योजनाओं के सुचारु संचालन के लिए वित्तीय संसाधनों का समय पर मिलना जरूरी है।

सरकारी नियुक्तियों और रोजगार के अवसरों पर भी उठाए सवाल

झामुमो महासचिव ने भाजपा से सरकारी रिक्त पदों पर नियुक्तियों, भर्ती प्रक्रियाओं और रोजगार के नए अवसरों को लेकर भी जवाब मांगा। उन्होंने कहा कि रोजगार की मांग और भर्ती प्रक्रियाओं से जुड़ी समस्याओं पर युवाओं की चिंताओं को गंभीरता से लिया जाना चाहिए।

उन्होंने भाजपा पर रोजगार के मुद्दे पर दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि यदि पार्टी मुख्यमंत्री सारथी योजना के क्रियान्वयन पर सवाल उठाती है, तो उसे अपने आरोपों के समर्थन में तथ्य भी रखने चाहिए।

रोजगार के मुद्दे पर जारी है राजनीतिक बयानबाजी

विनोद पांडेय ने कहा कि झारखंड सरकार राज्य के युवाओं को अवसर उपलब्ध कराने और जनकल्याणकारी योजनाओं को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने भाजपा से रोजगार के मुद्दे पर केंद्र सरकार की जवाबदेही पर भी सवाल उठाने की अपील की।

फिलहाल, यह बयान मुख्यमंत्री सारथी योजना और रोजगार के मुद्दे पर झामुमो तथा भाजपा के बीच जारी राजनीतिक बहस का हिस्सा है। विनोद पांडेय के आरोपों और केंद्रांश की राशि में देरी संबंधी दावों की स्वतंत्र पुष्टि के लिए संबंधित आंकड़ों और सरकारी रिकॉर्ड का अलग से परीक्षण जरूरी है।

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