Dussehra 2026: दिल्ली में PM मोदी ने किया रावण दहन, पटना में 90 फीट के रावण का पुतला जला
New Delhi: विजयादशमी के अवसर पर देशभर में रावण दहन और धार्मिक-सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रामलीला में शामिल कलाकारों की आरती उतारी और प्रतीकात्मक रूप से तीर चलाकर रावण दहन किया। इस दौरान उन्होंने विजयादशमी को साहस, सत्य और मानवता की जीत का प्रतीक बताया।
प्रधानमंत्री मोदी दिल्ली के आईपी एक्सटेंशन मैदान में आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए। अपने संबोधन में उन्होंने भारत की सांस्कृतिक विरासत और सांस्कृतिक केंद्रों को वैश्विक पहचान मिलने का भी जिक्र किया।
PM मोदी बोले- विजयादशमी साहस और जीत का पर्व
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि विजयादशमी जीत का पर्व है और यह संदेश देता है कि चुनौती कितनी भी बड़ी क्यों न हो, सत्य और मानवता की जीत होती है।
उन्होंने भारत के सांस्कृतिक केंद्रों को दुनिया में नई पहचान मिलने की बात भी कही। प्रधानमंत्री के अनुसार, सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने के प्रयास सामूहिक शक्ति का परिणाम हैं।
पटना में 90 फीट ऊंचे रावण का दहन
बिहार की राजधानी पटना के गांधी मैदान में विजयादशमी पर 90 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन किया गया। रिपोर्ट के मुताबिक, कार्यक्रम देखने के लिए करीब 2.5 लाख लोग मैदान में पहुंचे।
बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी के बीच दशहरा उत्सव आयोजित हुआ। रावण दहन देखने के लिए लोगों की भीड़ जुटी और मैदान में उत्सव का माहौल रहा।
लुधियाना में अमित शाह ने किया रावण दहन
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पंजाब के लुधियाना में दशहरा कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने रिमोट का बटन दबाकर रावण के पुतले का दहन किया।
देश के अलग-अलग हिस्सों में रामलीला, शोभायात्रा और रावण दहन के कार्यक्रम आयोजित किए गए। उत्तर प्रदेश के वाराणसी और हरियाणा के रोहतक समेत कई शहरों में भी विजयादशमी मनाई गई।
रायसेन में 40 किलो का हनुमान मुखौटा पहन निकली शोभायात्रा
मध्य प्रदेश के रायसेन में विजयादशमी पर एक विशेष शोभायात्रा निकाली गई। रिपोर्ट के अनुसार, 20 वर्षीय गोविंद यादव ने करीब 40 किलो वजनी वीर हनुमान का मुखौटा पहना और लगभग पांच घंटे तक इसे धारण किया।
शोभायात्रा बावड़ीपुरा हनुमान मंदिर से शुरू होकर शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए दशहरा मैदान पहुंची। बताया गया कि रायसेन में यह परंपरा पिछले 71 वर्षों से निभाई जा रही है।
देशभर में मनाई गई विजयादशमी
विजयादशमी के अवसर पर देश के विभिन्न हिस्सों में धार्मिक आयोजन और सांस्कृतिक कार्यक्रम हुए। रावण दहन की परंपरा के माध्यम से सत्य की असत्य पर और अच्छाई की बुराई पर जीत का संदेश दिया गया।
अलग-अलग राज्यों में स्थानीय परंपराओं के अनुसार दशहरा मनाया गया। कई स्थानों पर रामलीला के मंचन के बाद रावण दहन हुआ, जबकि कुछ जगहों पर शोभायात्रा और विशेष धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए गए।
