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दुबई में फंसे झारखंड के 80 से अधिक यात्री सुरक्षित लौटे रांची

दुबई में फंसे झारखंड के 80 से अधिक यात्री सुरक्षित लौटे रांची, तीसरे प्रयास में शारजाह से मिली फ्लाइट

दुबई में फंसे झारखंड के 80 से अधिक यात्री सुरक्षित लौटे रांची, तीसरे प्रयास में शारजाह से मिली फ्लाइट

रांची: खाड़ी देशों में बढ़ते सैन्य तनाव के बीच दुबई में फंसे झारखंड के 80 से अधिक यात्री आखिरकार सुरक्षित अपने घर लौट आए। तीसरे प्रयास में शारजाह से फ्लाइट मिलने के बाद सभी यात्री रांची पहुंचे। यात्रियों के रांची एयरपोर्ट पहुंचते ही परिजनों की आंखें खुशी और राहत से भर गईं।

हनीमून पर गया नवदंपती भी फंसा

रांची के रहने वाले नवदंपती अतुल उरांव (सेल अधिकारी) और डॉ. कंचन बाड़ा भी उन यात्रियों में शामिल थे जो दुबई में फंस गए थे। दोनों 22 फरवरी को शादी के बाद 27 फरवरी को हनीमून मनाने दुबई गए थे। उनकी वापसी 4 मार्च को तय थी, लेकिन खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते सैन्य तनाव के कारण वे वहां फंस गए।

अतुल उरांव ने बताया कि यह यात्रा यादगार बनाने के लिए थी, लेकिन हालात ऐसे बन गए कि उन्हें केवल सुरक्षित घर लौटने की चिंता सताने लगी। नवदंपती ने भारत सरकार, झारखंड सरकार और यूएई स्थित भारतीय दूतावास से सुरक्षित वापसी के लिए मदद की अपील की थी।

फ्लाइट कैंसिल होने से बढ़ी परेशानी

यात्रियों ने बताया कि उनकी वापसी 28 फरवरी को तय थी, लेकिन अचानक फ्लाइट कैंसिल होने के कारण उन्हें कई दिनों तक दुबई में ही रुकना पड़ा।

यात्री अभिषेक साहू ने बताया कि लगातार कोशिशों के बाद तीसरे प्रयास में उन्हें शारजाह से फ्लाइट मिली और वे रांची लौट पाए। वहीं सुनील कुमार ने कहा कि उस दौरान यह डर बना रहता था कि मलबा कब और कहां गिर जाए।

होटल के पास गिर रहे थे मिसाइल और बम

कई यात्रियों ने बताया कि उनके होटल से महज दो-तीन किलोमीटर दूर मिसाइल और बम गिर रहे थे। अजय साहू ने कहा कि हर पल यह डर बना रहता था कि कहीं कोई बम उनके ऊपर न गिर जाए।

रांची के वीरेन साहू ने बताया कि मिसाइल और बम के टुकड़े गिरने की आवाज से माहौल बेहद भयावह हो गया था। वहीं राहुल वर्मा ने कहा कि होटल के आसपास लगातार धमाकों की आवाज आ रही थी, जिससे उन्हें रात में नींद तक नहीं आती थी।

सुरक्षित वापसी पर छलका भावनाओं का सैलाब

रांची एयरपोर्ट पर जैसे ही यात्री पहुंचे, उनके परिजनों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। परिवार के लोगों ने अबीर-गुलाल लगाकर उनका स्वागत किया। कई यात्रियों की आंखें अपनों से मिलते ही भर आईं।

यात्रियों ने सुरक्षित वापसी के लिए भारत सरकार, झारखंड सरकार और संबंधित कंपनियों का आभार जताया। उन्होंने कहा कि कठिन परिस्थितियों के बावजूद उन्हें लगातार सहायता मिलती रही, जिससे आखिरकार वे सुरक्षित घर लौट सके।

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