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Jharkhand में स्वास्थ्य क्रांति: हिजाब पहनकर आई डॉक्टर को मंत्री ने किया सलाम, कहा— ‘यह बिहार नहीं, झारखंड है’

रांची: Jharkhand की राजधानी के NHM सभागार में आयोजित स्वास्थ्य विभाग के नियुक्ति पत्र वितरण समारोह में आज एक ऐतिहासिक और संदेशपूर्ण दृश्य देखने को मिला।

राज्य के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने हिजाब पहनकर नियुक्ति पत्र लेने आईं एक महिला डॉक्टर को सम्मान के साथ ‘सलाम’ किया और संविधान, नारी सम्मान व समावेशी शासन का संदेश दिया।

Jharkhand : योग्यता सर्वोपरि, पहनावा नहीं

महिला डॉक्टर का सम्मान करते हुए डॉ. इरफान अंसारी ने पड़ोसी राज्य बिहार की हालिया घटनाओं की ओर इशारा करते हुए कहा, “यह बिहार नहीं, झारखंड है। यहाँ पहचान कपड़ों से नहीं, बल्कि योग्यता से होती है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और राहुल गांधी का निर्देश स्पष्ट है—विकास सबका और सम्मान सबका।” उन्होंने जोर देकर कहा कि झारखंड में सभी धर्मों, वर्गों और बेटियों का सम्मान सुरक्षित है।

Jharkhand News: स्वास्थ्य क्षेत्र में ‘बंपर’ बहाली और डिजिटल क्रांति

मंत्री ने बताया कि यह केवल नियुक्तियों का वितरण नहीं, बल्कि स्वास्थ्य व्यवस्था के कायाकल्प का संकल्प है। उन्होंने विभाग की भविष्य की योजनाओं का खाका भी पेश किया:

  • 10,000 नई नियुक्तियां: जल्द ही स्वास्थ्य विभाग में 10 हजार और रिक्त पदों को भरा जाएगा। नए साल के पहले महीने में ही डॉक्टरों की बंपर बहाली होगी।

  • हाईटेक इंफ्रास्ट्रक्चर: राज्य में 7 अत्याधुनिक डायग्नोस्टिक लैब का निर्माण होगा। सभी मेडिकल कॉलेज AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) और रोबोटिक तकनीक से जुड़ेंगे।

  • सेंट्रल कमांड कंट्रोल: स्वास्थ्य विभाग और मंत्री आवास में सेंट्रल कमांड कंट्रोल सेंटर बनेगा, जिससे मरीजों की रीयल-टाइम मॉनिटरिंग और डेटा एनालिसिस हो सकेगा।

Jharkhand में ही होगा ‘बोन मैरो ट्रांसप्लांट’

राज्य गठन के 25 वर्षों में पहली बार झारखंड में सिकल सेल एनीमिया और थैलेसीमिया जैसी बीमारियों के लिए बोन मैरो ट्रांसप्लांट की सुविधा शुरू होने जा रही है। रांची सदर अस्पताल में इसके लिए यूनिट स्थापित की जाएगी। इसके साथ ही:

  • सभी जिलों में ब्लड सेपरेशन यूनिट के लिए ₹9 करोड़ की स्वीकृति दी गई है।

  • मेडिको सिटी की स्थापना के जरिए सुपर स्पेशियलिटी इलाज अब राज्य के भीतर ही मिलेगा, जिससे मरीजों को बाहर नहीं जाना पड़ेगा।

सुगम हुआ गंभीर बीमारियों का इलाज

मुख्यमंत्री गंभीर बीमारी योजना के तहत 21 बीमारियों को टैग किया गया है और पुरानी जटिल प्रक्रियाओं को समाप्त कर दिया गया है। मंत्री ने कहा, “बीमारी डर लाती है, सरकार का काम भरोसा और सहारा देना है।”

इस अवसर पर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह, NHM निदेशक शशि प्रकाश झा और स्वास्थ्य सेवाओं के निदेशक डॉ. सिद्धार्थ सान्याल सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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