पटना | बिहार की राजनीति में एक युग का अंत होने जा रहा है। लगभग दो दशकों तक बिहार की कमान संभालने वाले Nitish Kumar अब दिल्ली की पारी शुरू करने वाले हैं।
लेकिन, उन्होंने सत्ता छोड़ने के लिए एक ‘स्मार्ट’ संवैधानिक रास्ता चुना है। सूत्रों के मुताबिक, नीतीश कुमार एक झटके में नहीं, बल्कि दो चरणों (किस्तों) में अपनी मौजूदा जिम्मेदारियों से इस्तीफा देंगे।
Nitish Kumar News: इस्तीफे का ‘टू-स्टेप’ फॉर्मूला
नीतीश कुमार वर्तमान में बिहार विधान परिषद के सदस्य (MLC) हैं और राज्य के मुख्यमंत्री भी। राज्यसभा सांसद चुने जाने के बाद उनके इस्तीफे की प्रक्रिया कुछ इस प्रकार होगी:
पहला इस्तीफा: विधान पार्षद (MLC) पद से
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डेडलाइन: 30 मार्च, 2026
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वजह: लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 के अनुसार, यदि राज्य विधानमंडल का कोई सदस्य सांसद चुना जाता है, तो उसे 14 दिनों के भीतर अपनी पुरानी सदस्यता छोड़नी होती है। 16 मार्च को निर्वाचित घोषित होने के बाद नीतीश को 30 मार्च तक एमएलसी पद छोड़ना अनिवार्य है, अन्यथा उनकी राज्यसभा सदस्यता रद्द हो जाएगी।
दूसरा इस्तीफा: मुख्यमंत्री (CM) पद से
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संभावित समय: अप्रैल का दूसरा हफ्ता
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वजह: निवर्तमान राज्यसभा सदस्यों का कार्यकाल 9 अप्रैल को समाप्त हो रहा है। नीतीश कुमार 10 अप्रैल या उसके बाद शपथ लेंगे। संवैधानिक नियमों के अनुसार, वे बिना विधायक या पार्षद रहे भी 6 महीने तक सीएम रह सकते हैं। इसलिए वे एमएलसी पद छोड़ने के बाद भी अप्रैल के दूसरे हफ्ते तक मुख्यमंत्री बने रह सकते हैं।
Nitish Kumar Resignation: संवैधानिक मजबूरी और टाइमलाइन
भारतीय संविधान के अनुच्छेद 101 और एक साथ सदस्यता निषेध नियम 1950 के तहत कोई भी व्यक्ति एक साथ संसद और विधानसभा का सदस्य नहीं रह सकता। नीतीश कुमार के साथ-साथ भाजपा के नितिन नवीन (जो वर्तमान में विधायक हैं) को भी 30 मार्च तक इस्तीफा देना होगा।
26 मार्च के बाद नए सीएम पर ‘मंथन’
बिहार में नए मुख्यमंत्री के चयन को लेकर एनडीए (NDA) में सरगर्मियां तेज हैं, लेकिन औपचारिक चर्चा 26 मार्च के बाद ही शुरू होगी।
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समृद्धि यात्रा: नीतीश कुमार फिलहाल अपनी ‘समृद्धि यात्रा’ में व्यस्त हैं, जिसका समापन 26 मार्च को पटना में होगा।
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चयन प्रक्रिया: पहले एनडीए के सभी घटक दल (बीजेपी, जदयू, लोजपा-आर, हम, रालोमो) अपने-अपने विधायक दल का नेता चुनेंगे। इसके बाद संयुक्त बैठक में नए मुख्यमंत्री के नाम पर मुहर लगेगी।
कौन होगा अगला मुख्यमंत्री?
राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि बिहार को इस बार भाजपा का मुख्यमंत्री मिल सकता है। रेस में निम्नलिखित नाम चर्चा में हैं:
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सम्राट चौधरी (डिप्टी सीएम)
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नित्यानंद राय (केंद्रीय मंत्री)
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विजय चौधरी या कोई नया ‘सरप्राइज’ चेहरा
भाजपा ने फिलहाल किसी भी नाम पर मुहर नहीं लगाई है और प्रवक्ता का कहना है कि गठबंधन के नेता मिलकर फैसला लेंगे। हालांकि, यह तय माना जा रहा है कि नीतीश कुमार के दिल्ली जाने से पहले या शपथ लेने के तुरंत बाद बिहार को नया चेहरा मिल जाएगा।
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