
रांची: Jharkhand BJP में नेतृत्व परिवर्तन की औपचारिक प्रक्रिया पूरी हो गई है। राज्यसभा सांसद आदित्य साहू को विधिवत रूप से झारखंड प्रदेश भाजपा का अध्यक्ष घोषित कर दिया गया है। रांची के कार्निवल बैंक्वेट हॉल में आयोजित एक भव्य समारोह में केंद्रीय मंत्री और चुनाव अधिकारी जुएल उरांव ने इसकी घोषणा की। इस मौके पर निवर्तमान अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी समेत पार्टी के तमाम बड़े दिग्गज मौजूद रहे।
’पर्ची काटने वाला कार्यकर्ता आज अध्यक्ष’
अपने संबोधन में नव-निर्वाचित अध्यक्ष आदित्य साहू भावुक नजर आए। उन्होंने खुद को एक साधारण कार्यकर्ता बताते हुए कहा, “मैं कुचु बूथ पर वोट की पर्ची काटने वाला एक अदना सा कार्यकर्ता था। यह केवल भाजपा में ही संभव है कि एक साधारण कार्यकर्ता को शीर्ष नेतृत्व तक पहुँचाया जाता है।” उन्होंने कहा कि भले ही वे अब मंच की अगली पंक्ति में बैठेंगे, लेकिन उनका मन हमेशा बूथ पर काम करने वाले अंतिम पायदान के कार्यकर्ता के साथ रहेगा। उन्होंने कार्यकर्ताओं को पार्टी की असली पूंजी बताया।
सरकार पर तीखा हमला: ‘अस्मिता बचाने की चुनौती’
आदित्य साहू ने पदभार संभालते ही राज्य की हेमंत सोरेन सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि आज लड़ाई केवल सत्ता पाने की नहीं, बल्कि झारखंड की अस्मिता और संस्कृति को बचाने की है।
घुसपैठ और जिहाद: साहू ने आरोप लगाया कि राज्य में ‘लैंड जिहाद’ और ‘लव जिहाद’ के जरिए आदिवासियों और गरीबों की जमीन लूटी जा रही है।
तुष्टिकरण: उन्होंने कहा कि राज्य घुसपैठियों की शरणस्थली बन गया है और उन्हें सत्ता का संरक्षण प्राप्त है।
भ्रष्टाचार: उन्होंने ‘अबुआ सरकार’ को धोखा देने वाली सरकार बताया और कहा कि पेसा (PESA) नियमावली के नाम पर आदिवासियों की आत्मा पर प्रहार किया गया है।
दिग्गजों ने जताया भरोसा
- बाबूलाल मरांडी: निवर्तमान अध्यक्ष ने आदित्य साहू की संवेदनशीलता की तारीफ करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में पार्टी हेमंत सरकार को उखाड़ फेंकने की अधूरी लड़ाई पूरी करेगी।
- जुएल उरांव: केंद्रीय मंत्री ने कहा कि साहू के नेतृत्व में झारखंड में एनडीए की मजबूत सरकार बनेगी।
- अर्जुन मुंडा: पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यह चयन शुभ मुहूर्त में हुआ है और इससे संगठन को नई ऊंचाइयां मिलेंगी। कार्यक्रम का संचालन सांसद डॉ. प्रदीप वर्मा ने किया। इस दौरान केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी, संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह, संजय सेठ, सुदर्शन भगत, और समीर उरांव समेत हजारों की संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।



