रांची, 8 अप्रैल: झारखंड सरकार के पेयजल एवं स्वच्छता तथा उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग के मंत्री Yogendra Prasad ने बुधवार को रांची स्थित नेपाल हाउस में विभागीय कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कर्मचारियों की उपस्थिति, कार्यप्रणाली और लंबित फाइलों की स्थिति की बारीकी से समीक्षा की।
निरीक्षण के बाद आयोजित बैठक में मंत्री ने साफ शब्दों में कहा कि जनता से जुड़ी मूलभूत सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि कार्यालय में समय पर उपस्थिति सुनिश्चित की जाए और आम लोगों की शिकायतों का त्वरित समाधान किया जाए।
लंबित फाइलों पर सख्ती: Yogendra Prasad
मंत्री Yogendra Prasad ने चेतावनी दी कि फाइलों को अनावश्यक रूप से लंबित रखने वाले अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब काम में देरी या टालमटोल की कोई गुंजाइश नहीं है।
गर्मी को लेकर विशेष निर्देश: Yogendra Prasad
आगामी गर्मी के मद्देनजर मंत्री ने पेयजल आपूर्ति को लेकर विशेष सतर्कता बरतने को कहा। उन्होंने निर्देश दिया कि खराब पड़े चापाकलों की मरम्मत युद्धस्तर पर की जाए और पेयजल से जुड़ी हर शिकायत पर तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित हो।
‘जीरो टॉलरेंस’ नीति लागू: Yogendra Prasad
मंत्री ने दो टूक कहा कि विभाग अब “शून्य सहनशीलता” (Zero Tolerance) की नीति पर काम करेगा। उन्होंने कहा,
“काम में ढिलाई, जिम्मेदारी से बचने की प्रवृत्ति और लापरवाही अब किसी भी कीमत पर स्वीकार्य नहीं है। दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई तय है।”
जनता सेवा सर्वोपरि
उन्होंने अधिकारियों को यह भी याद दिलाया कि जनता की सेवा ही सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी प्रकार की चूक करने वालों के लिए विभाग में कोई जगह नहीं होगी। मंत्री के इस औचक निरीक्षण और सख्त रुख से साफ संकेत है कि सरकार अब विभागीय कामकाज में पारदर्शिता, जवाबदेही और तेज गति लाने के मूड में है। आने वाले दिनों में इसका असर जमीनी स्तर पर देखने को मिल सकता है।



