
मुंबई/रांची: राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए प्रतिबंधित संगठन CPI (माओवादी) के सक्रिय सदस्य चंदन कुमार को मुंबई से गिरफ्तार किया है।
चंदन मूल रूप से बिहार के जहानाबाद जिले का रहने वाला है और वह 2021 के मगध जोन पुनरुद्धार (Revival) साजिश मामले में लंबे समय से फरार चल रहा था।
कौन है चंदन कुमार और क्या है आरोप?
चंदन कुमार माओवादियों के मगध जोन को फिर से सक्रिय करने की साजिश का मुख्य हिस्सा था। उस पर निम्नलिखित गंभीर आरोप हैं:
- टेरर फंडिंग: माओवादी गतिविधियों के लिए ठेकेदारों से जबरन लेवी और वसूली के जरिए फंड जुटाना।
- संगठन का विस्तार: पुराने माओवादी कैडरों और सदस्यों को फिर से संगठन में शामिल होने के लिए उकसाना।
- साजिश: हथियार और गोला-बारूद की खरीद के साथ-साथ कैडरों को IED बनाने का प्रशिक्षण दिलाने में सक्रिय भूमिका।
अदालत ने घोषित किया था ‘भगोड़ा’
रांची स्थित NIA की विशेष अदालत ने चंदन कुमार को पहले ही भगोड़ा घोषित कर दिया था। उसके खिलाफ अक्टूबर 2023 में गैर-जमानती वारंट (NBW) भी जारी किया गया था। वह लगातार अपनी पहचान छिपाकर मुंबई में शरण लिए हुए था, जहां से उसे गुरुवार (15 जनवरी 2026) को गिरफ्तार किया गया।
मगध जोन पुनरुद्धार मामला (RC-05/2021/NIA/RNC)
NIA ने दिसंबर 2021 में यह मामला स्वतः संज्ञान लेते हुए दर्ज किया था। यह पूरी साजिश प्रतिबंधित संगठन को बिहार के मगध क्षेत्र में फिर से खड़ा करने के लिए रची गई थी।
मुख्य आरोपी: इस मामले में 25 लाख के इनामी माओवादी प्रद्युमन शर्मा (स्पेशल एरिया कमेटी सदस्य), योगेंद्र रविदास, नागेंद्र गिरी और हथियार आपूर्तिकर्ता अभिनव व धनंजय पासवान के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है।
जेल से जंगल तक जाल: जांच में खुलासा हुआ कि ये आरोपी अलग-अलग जेलों में बंद माओवादियों और ‘ओवर ग्राउंड वर्कर्स’ (OGWs) के संपर्क में थे ताकि आतंकी घटनाओं को अंजाम दिया जा सके।
NIA की निरंतर जांच
NIA की रांची शाखा इस नेटवर्क के अन्य कड़ियों को जोड़ने में जुटी है। चंदन की गिरफ्तारी से मगध क्षेत्र में माओवादियों के फंडिंग नेटवर्क और उनके विस्तार की योजनाओं को बड़ा झटका लगा है। उसे जल्द ही रांची की विशेष अदालत में पेश किया जाएगा।



