Jharkhand News: राजधानी रांची में इन दिनों एलपीजी गैस की किल्लत ने आम जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। हालात ऐसे हो गए हैं कि लोग एक बार फिर “कोयलायुग” की ओर लौटने को मजबूर हो गए हैं। घरेलू रसोई से लेकर होटल, स्ट्रीट फूड और कॉलेज कैंटीन तक हर जगह गैस संकट का असर साफ दिख रहा है।
होटल और ठेले पर पड़ा सीधा असर: Jharkhand News
कॉमर्शियल सिलेंडर की कमी के कारण छोटे-बड़े होटल, ढाबे और ठेले वाले अब कोयला, लकड़ी और डीजल भट्ठियों का सहारा ले रहे हैं। कई दुकानदारों ने तो गैस न मिलने के कारण अपना काम ही बंद कर दिया है। वहीं जो दुकानें खुली हैं, उन्होंने खाने-पीने की चीजों के दाम बढ़ा दिए हैं।
इडली, चाय, समोसा जैसे रोजमर्रा के खाने की कीमतों में बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। एक प्लेट इडली 20 से बढ़कर 25 रुपये, चाय 5 से 7 रुपये और समोसा 8 से 10 रुपये तक पहुंच गया है।
सप्लाई ठप, मेन्यू में कटौती: Jharkhand News
गैस की कमी का असर सिर्फ कीमतों पर ही नहीं, बल्कि मेन्यू पर भी पड़ा है। कई होटलों में पहले जहां 10-12 तरह के व्यंजन बनते थे, अब उन्हें घटाकर 2-3 आइटम तक सीमित कर दिया गया है। मिठाई और नमकीन की वैरायटी भी आधी रह गई है, जबकि कुछ जगहों पर चाइनीज फूड पूरी तरह बंद कर दिया गया है।
छोटे कारोबारियों पर सबसे ज्यादा मार: Jharkhand News
स्ट्रीट फूड विक्रेताओं और छोटे दुकानदारों की स्थिति सबसे खराब है। गैस नहीं मिलने के कारण कई लोगों की रोजी-रोटी प्रभावित हो गई है। मजबूरी में वे कोयले का इस्तेमाल कर रहे हैं, जिसकी कीमत भी 200 रुपये से बढ़कर 350 रुपये प्रति बोरा हो गई है।
कॉलेज और हॉस्टल में भी तैयारी
गैस संकट को देखते हुए रांची के कई कॉलेजों और हॉस्टलों ने वैकल्पिक व्यवस्था शुरू कर दी है। बीआईटी मेसरा में 25 टन कोयला मंगाकर चूल्हे तैयार किए जा रहे हैं। वहीं कुछ संस्थानों में मेन्यू बदलकर स्थिति संभालने की कोशिश की जा रही है।
अस्पतालों को भी अलर्ट
हालांकि अस्पतालों में अभी गैस की सप्लाई बनी हुई है, लेकिन एहतियात के तौर पर गैस बचाकर इस्तेमाल करने और बैकअप रखने के निर्देश दिए गए हैं। रिम्स और सदर अस्पताल में फिलहाल कुछ दिनों का स्टॉक उपलब्ध है।
पीएनजी कनेक्शन की बढ़ी मांग
इस संकट के बीच पीएनजी (पाइप्ड नेचुरल गैस) कनेक्शन की मांग तेजी से बढ़ रही है। हर दिन दर्जनों लोग नए कनेक्शन के लिए आवेदन कर रहे हैं। कंपनियां भी कनेक्शन बढ़ाने के लिए मैनपावर बढ़ाने की तैयारी में हैं।
आम लोगों में बढ़ती चिंता
एलपीजी की कमी ने न सिर्फ आम लोगों की रसोई पर असर डाला है, बल्कि छोटे कारोबारियों की कमर भी तोड़ दी है। अगर जल्द सप्लाई सामान्य नहीं हुई, तो इसका असर और गहरा हो सकता है। कुल मिलाकर, रांची में गैस संकट ने लोगों को पुराने तरीकों की ओर लौटने पर मजबूर कर दिया है जहां धुएं वाले चूल्हे फिर से जलने लगे हैं।



