गोसाईंगांव में गरजीं कल्पना सोरेन: आदिवासियों के हक के लिए JMM मैदान में
चाय बागान मजदूरों के हक की लड़ाई: कल्पना सोरेन का असम में बड़ा वादा
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Kalpana Soren
असम में बदलाव की हुंकार: गोसाईंगांव में कल्पना सोरेन बोलीं—आदिवासियों के हक की लड़ाई अब JMM लड़ेगी
गोसाईंगांव, असम। असम विधानसभा चुनाव के मद्देनज़र गोसाईंगांव विधानसभा क्षेत्र में आयोजित चुनावी जनसभा में झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। गांडेय की विधायक कल्पना सोरेन ने पार्टी प्रत्याशी फैड्रिक्शन हांसदा के समर्थन में जनसभा को संबोधित करते हुए साफ कहा कि यह चुनाव सिर्फ सरकार बदलने का नहीं, बल्कि इतिहास रचने का अवसर है।
कल्पना सोरेन ने जनसभा में कहा कि असम की जनता अब बदलाव चाहती है और इस बार का चुनाव उसी बदलाव की नींव रखने वाला है। उन्होंने जोर देकर कहा कि झारखंड मुक्ति मोर्चा अब असम के आदिवासी समुदाय के अधिकारों की लड़ाई मजबूती से लड़ेगी।
उन्होंने खासतौर पर चाय बागानों में काम करने वाले मजदूरों की समस्याओं का जिक्र करते हुए कहा कि इन श्रमिकों को अब तक उनका हक नहीं मिला है। “झामुमो उनकी आवाज बनेगा और उन्हें उनका अधिकार दिलाकर रहेगा,” उन्होंने कहा।
सभा में मौजूद लोगों से अपील करते हुए उन्होंने कहा कि हर एक वोट की कीमत है। “आपका एक वोट न सिर्फ एक उम्मीदवार को जिताएगा, बल्कि असम में आदिवासी समाज को नई ताकत देगा,” उन्होंने कहा।
इस मौके पर सांसद जोबा माझी और विधायक सोमेश चंद्र सोरेन ने भी जनसभा को संबोधित किया। दोनों नेताओं ने लोगों से अपील की कि वे झामुमो प्रत्याशी फैड्रिक्शन हांसदा को भारी मतों से विजयी बनाएं, ताकि क्षेत्र में विकास और आदिवासी अधिकारों की लड़ाई को नई दिशा मिल सके।
गोसाईंगांव की इस जनसभा ने साफ संकेत दे दिया है कि इस बार असम के चुनावी मैदान में आदिवासी मुद्दे केंद्र में हैं और झामुमो इन्हें लेकर आक्रामक रणनीति के साथ आगे बढ़ रही है।