
Ranchi: Jharkhand की धरती, जिसने दशकों पहले टाटा समूह के रूप में भारत के औद्योगिक उदय को देखा था, आज एक बार फिर ऐतिहासिक बदलाव की दहलीज पर खड़ी है।
@TataCompanies न केवल भारत में बल्कि वैश्विक स्तर पर भी अपनी विशिष्ट पहचान रखता है। झारखण्ड हमारे लिए विशेष महत्व रखता है, क्योंकि यहीं से हमारे औद्योगिक सफर की शुरुआत हुई। हम राज्य के विकास में निरंतर योगदान देते रहेंगे। pic.twitter.com/Imc991h3PX
— Office of Chief Minister, Jharkhand (@JharkhandCMO) March 2, 2026
मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन और टाटा सन्स के चेयरमैन श्री एन चंद्रशेखरन की हालिया प्रेस वार्ता ने राज्य में निवेश और विकास की एक नई इबारत लिख दी है।
Jharkhand: साझा विरासत, सुनहरा भविष्य
मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने टाटा समूह के साथ झारखंड के भावनात्मक और ऐतिहासिक संबंधों को रेखांकित करते हुए कहा कि टाटा का सफर इसी मिट्टी से शुरू हुआ था। आज यह समूह न केवल राज्य बल्कि देश के विकास का मजबूत स्तंभ है। मुख्यमंत्री की दूरदर्शी सोच और ‘इन्वेस्टमेंट फ्रेंडली’ नीतियों की सराहना करते हुए श्री एन चंद्रशेखरन ने स्पष्ट किया कि झारखंड अब निवेश के लिए सबसे अनुकूल राज्यों में से एक बनकर उभर रहा है।
Jharkhand : निवेश के मुख्य स्तंभ: नई तकनीक और नॉलेज इंडस्ट्री
टाटा समूह का यह नया निवेश केवल विस्तार नहीं, बल्कि परिवर्तन (Transformation) पर आधारित है। इसके मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:
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हाइब्रिड और हाइड्रोजन तकनीक: टाटा स्टील और टाटा मोटर्स में अब अत्याधुनिक तकनीक पर निवेश होगा। प्रदूषण नियंत्रण के साथ-साथ हाइड्रोजन बेस्ड वाहन निर्माण संयंत्र पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
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नॉलेज बेस्ड इंडस्ट्रीज: राज्य में केवल भारी उद्योग ही नहीं, बल्कि ज्ञान आधारित उद्योगों (Knowledge-based industries) की स्थापना के लिए सरकार और टाटा के अधिकारियों की एक संयुक्त टीम काम करेगी।
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उत्पादन में तेजी: नई टेक्नोलॉजी के आने से उत्पादन की प्रक्रिया न केवल तेज होगी बल्कि वैश्विक मानकों के अनुरूप पर्यावरण के अनुकूल भी होगी।
कौशल विकास और सामाजिक सरोकार (CSR)
यह निवेश केवल मशीनों तक सीमित नहीं है, बल्कि झारखंड के मानव संसाधन पर भी केंद्रित है।
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स्किल डेवलपमेंट: टाटा समूह राज्य सरकार के साथ मिलकर युवाओं के कौशल को आधुनिक जरूरतों के हिसाब से निखारने के लिए साझेदारी करेगा।
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CSR का विस्तार: टाटा समूह ने घोषणा की है कि वे अपनी सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) निधि और दायरे में बढ़ोतरी करेंगे, ताकि शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे का लाभ सीधे स्थानीय लोगों तक पहुँचे।
निष्कर्ष: एक नए युग का सूत्रपात
झारखंड सरकार का रोडमैप और टाटा समूह की विशेषज्ञता जब एक साथ मिलते हैं, तो विकास की गति दोगुनी होना निश्चित है। यह प्रेस वार्ता केवल घोषणाओं का पुलिंदा नहीं, बल्कि झारखंड के युवाओं के लिए रोजगार और राज्य के लिए आर्थिक समृद्धि का एक ठोस वादा है।



