तमिलनाडु में फंसे चाईबासा के मजदूर, CM हेमंत सोरेन ने दिए त्वरित कार्रवाई के निर्देश
रांची: झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) से काम की तलाश में तमिलनाडु गए सैकड़ों मजदूरों के बंधक बनाए जाने की खबर सामने आने के बाद मुख्यमंत्री Hemant Soren ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
मजदूरों ने वीडियो जारी कर लगाई गुहार
जानकारी के मुताबिक:
- कई युवक-युवतियां एक टेक्सटाइल (सूता/कपड़ा) कंपनी में फंसे हैं
- आरोप है कि
- उचित मजदूरी नहीं दी जा रही
- बाहर निकलने की अनुमति नहीं
- मजदूरों ने वीडियो और संदेश के जरिए मदद की अपील की
👉 इनमें बड़ी संख्या में महिला मजदूर भी शामिल हैं, जिससे मामला और संवेदनशील हो गया है।
सरकार एक्शन मोड में
मुख्यमंत्री ने तुरंत:
- चाईबासा के उपायुक्त को निर्देश दिया
- Jharkhand Migrant Cell को जांच में लगाया
- मजदूरों की लोकेशन ट्रेस करने और स्थिति स्पष्ट करने को कहा
तमिलनाडु सरकार से समन्वय
राज्य सरकार ने:
- Tamil Nadu प्रशासन से संपर्क शुरू किया
- स्थानीय अधिकारियों के साथ मिलकर
- मजदूरों की सुरक्षित रिहाई
- और घर वापसी सुनिश्चित करने की प्रक्रिया शुरू की
क्यों गंभीर है मामला?
- बंधक बनाए जाने के आरोप
- मजदूरी और स्वतंत्रता दोनों पर सवाल
- बड़ी संख्या में महिलाओं की मौजूदगी
- इंटर-स्टेट लेबर सुरक्षा का मुद्दा
आगे क्या?
- मजदूरों की सही स्थिति की पुष्टि
- कंपनी और जिम्मेदार लोगों की जांच
- सुरक्षित रेस्क्यू और झारखंड वापसी
निष्कर्ष
यह मामला सिर्फ मजदूरों की सुरक्षा का नहीं, बल्कि माइग्रेंट वर्कर्स के अधिकारों और सिस्टम की जिम्मेदारी का भी है। मुख्यमंत्री के हस्तक्षेप के बाद उम्मीद है कि जल्द ही सभी मजदूर सुरक्षित अपने घर लौट सकेंगे।
