रांची में ग्रामीण महिला सशक्तिकरण पर मंथन, मजबूत महिला नीति की उठी मांग
रांची | 23 अप्रैल 2026
ग्रामीण विकास विभाग के Jharkhand State Livelihood Promotion Society द्वारा राजधानी रांची में ग्रामीण महिला सशक्तिकरण को लेकर एक महत्वपूर्ण राउंड टेबल मीटिंग आयोजित की गई। इस बैठक में राज्य के विभिन्न जिलों से बेहतर प्रदर्शन करने वाली महिलाओं ने प्रतिनिधि के रूप में हिस्सा लिया और महिला सशक्तिकरण के मुद्दों पर खुलकर अपने विचार रखे।
“महिलाएं सिर्फ आजीविका नहीं, नेतृत्व भी करेंगी” – Deepika Pandey Singh
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि:
- सरकार महिलाओं को केवल आजीविका तक सीमित नहीं रखना चाहती
- उन्हें प्रतिस्पर्धा के दौर में नेतृत्व के लिए तैयार किया जा रहा है
- ग्रामीण महिलाओं के अंदर लीडरशिप क्वालिटी विकसित करने पर विशेष काम हो रहा है
उन्होंने बताया कि राज्य में SHG से जुड़ी 32 लाख महिलाएं समाज और अर्थव्यवस्था को मजबूत कर रही हैं।
महिला नीति बनाने की जोरदार मांग
बैठक में शामिल महिला प्रतिनिधियों ने झारखंड में प्रभावशाली महिला नीति बनाने की मांग उठाई।
- नीति का फोकस स्वास्थ्य, शिक्षा, सुरक्षा और नेतृत्व विकास पर हो
- पंचायत स्तर तक महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित हो
- ऐसी नीति बने जिसका ठोस परिणाम (आउटकम) दिखाई दे
“गांव की महिलाओं में नैचुरल लीडरशिप” – Supriya Shrinate
कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने कहा:
- ग्रामीण महिलाओं में जन्मजात नेतृत्व क्षमता होती है
- समाज और सरकार को मिलकर उन्हें आगे बढ़ाने की जरूरत है
- शहर और गांव की महिलाओं के नजरिए में अंतर को समझना जरूरी है
“अकेली महिला पर सवाल क्यों?” – Pam Rajput
लैंगिक समानता विशेषज्ञ डॉ. पाम राजपूत ने कहा:
- आज भी अकेली महिला को लेकर समाज में सवाल उठते हैं
- झारखंड में महिला नीति का अभाव चिंता का विषय है
- नीति निर्माण में ग्रामीण महिलाओं को केंद्र में रखना जरूरी है
जमीनी अनुभवों ने दिया नया दृष्टिकोण
- Chutni Mahato ने डायन प्रथा के खिलाफ अपने संघर्ष साझा किए
- Chami Murmu ने पर्यावरण संरक्षण और महिला भागीदारी की कहानी बताई
इन अनुभवों ने यह स्पष्ट किया कि ग्रामीण महिलाएं बदलाव की असली वाहक हैं।
योजनाओं से बदली तस्वीर
- क्रेडिट लिंकिंग से महिलाएं स्वरोजगार में आगे बढ़ रही हैं
- उनके उत्पाद अब स्थानीय से ब्रांड स्तर तक पहुंच चुके हैं
- बिरसा हरित ग्राम योजना के तहत लगभग 2.75 करोड़ पेड़ लगाने में महिलाओं की अहम भूमिका रही
जनप्रतिनिधियों का संदेश
कृषि मंत्री Shilpi Neha Tirkey, विधायक Louis Marandi और Shweta Singh ने कहा कि:
- राज्य सरकार महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए कई योजनाएं चला रही है
- महिलाओं के खाते में सीधे पैसे जाना बड़ा बदलाव है
- योजनाओं के प्रति जागरूकता बढ़ाना जरूरी है
निष्कर्ष
यह राउंड टेबल मीटिंग सिर्फ चर्चा नहीं, बल्कि झारखंड में महिला सशक्तिकरण की नई दिशा तय करने का मंच बनकर उभरी।
👉 साफ संकेत है कि आने वाले समय में
- ग्रामीण महिलाएं नेतृत्व की मुख्य धारा में होंगी
- और राज्य में एक मजबूत महिला नीति की मांग तेज होगी
