
Ranchi: Jharkhand Vidhan Sabha के भीतर पेपर लीक की CBI जांच को लेकर जबरदस्त हंगामा देखने को मिला। विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायकों ने सरकार को कठघरे में खड़ा करते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की।
वहीं, सत्ता पक्ष ने इस पर तीखा जवाब देते हुए कहा कि जांच प्रक्रिया सही दिशा में चल रही है और विपक्ष केवल राजनीति कर रहा है।
Jharkhand Vidhan Sabha के अंदर-बाहर हंगामा
इस मुद्दे पर सदन में जबरदस्त बहस छिड़ गई। बीजेपी विधायकों ने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि पेपर लीक मामले की गंभीरता को देखते हुए इसकी जांच CBI से कराई जानी चाहिए। उनका कहना था कि राज्य सरकार इस घोटाले को दबाने की कोशिश कर रही है।
विपक्ष का आक्रोश विधानसभा तक ही सीमित नहीं रहा। सदन के बाहर भी बीजेपी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया और सरकार विरोधी नारे लगाए। प्रदर्शनकारियों की मांग थी कि इस मामले में शामिल सभी दोषियों को कड़ी सजा दी जाए और निष्पक्ष जांच सुनिश्चित हो।
Jharkhand Vidhan Sabha: बीजेपी विधायक का तंज— ‘2 हाइवा बालू भेज दें’
इस पूरे घटनाक्रम के दौरान बीजेपी के एक विधायक ने राज्य सरकार पर तंज कसते हुए कहा, “अगर सरकार को CBI जांच से इतनी दिक्कत है, तो हम दो हाइवा (डंपर) बालू ही भेज देते हैं, शायद तब सरकार जाग जाए!” यह बयान इशारों-इशारों में सरकार पर भ्रष्टाचार और खनन माफियाओं से साठगांठ के आरोपों की ओर इशारा कर रहा था।
Jharkhand Vidhan Sabha: मंत्री का करारा जवाब
बीजेपी विधायक के इस बयान पर सत्ता पक्ष के एक मंत्री ने तुरंत पलटवार किया और व्यंग्यात्मक अंदाज में कहा, “हमारे पास बालू रखने की जगह नहीं है, लेकिन आपके पास काफी भंडारण होगा। शायद आप ही बता दें कि पेपर लीक का असली सूत्रधार कौन है?” उनके इस जवाब से सदन में ठहाके भी लगे, लेकिन विपक्ष ने इसे गंभीर मुद्दे से ध्यान भटकाने की कोशिश बताया।
Jharkhand Vidhan Sabha: क्या है पेपर लीक का पूरा मामला?
राज्य में हाल ही में हुई सरकारी परीक्षाओं के पेपर लीक होने की खबरें सामने आई थीं। इस घोटाले में बड़े पैमाने पर गड़बड़ियों का आरोप लगाया गया, जिसमें छात्रों का भविष्य दांव पर लगने की बात कही जा रही है। इस मुद्दे को लेकर विपक्ष लगातार सरकार पर हमलावर बना हुआ है और सीबीआई जांच की मांग कर रहा है।
आगे क्या होगा?
विपक्ष के दबाव और जनता के बढ़ते गुस्से को देखते हुए सरकार अब इस मामले पर कोई ठोस कदम उठा सकती है। हालांकि, सरकार इस पर अपनी जांच एजेंसियों पर भरोसा जता रही है, लेकिन अगर प्रदर्शन तेज होता है, तो CBI जांच की मांग को लेकर और भी बड़ा राजनीतिक संघर्ष देखने को मिल सकता है।