नई दिल्ली/रांची: राजधानी नई दिल्ली में आयोजित तीन दिवसीय (26-28 दिसंबर) ‘5वें राष्ट्रीय मुख्य सचिव सम्मेलन’ का रविवार को सफलतापूर्वक समापन हो गया। “विकसित भारत के लिए मानव पूंजी” की थीम पर आधारित इस सम्मेलन में Jharkhand ने राज्य के विकास और प्रशासनिक सुधारों को लेकर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई।

‘टीम इंडिया’ की भावना से केंद्र-राज्य समन्वय
सम्मेलन का समापन प्रधानमंत्री के विजन के अनुरूप ‘टीम इंडिया’ की भावना को और मजबूत करने के संकल्प के साथ हुआ। मुख्य सचिवों के इस मंच पर केंद्र और राज्यों के बीच एक साझा विकास एजेंडा तैयार किया गया, जिसका उद्देश्य 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाना है।
मुख्य फोकस: जनसांख्यिकीय लाभांश को ‘मानव पूंजी’ में बदलना
सम्मेलन के दौरान विशेषज्ञों और अधिकारियों ने इस बात पर जोर दिया कि भारत की विशाल आबादी को केवल एक संख्या न मानकर, उसे एक कुशल और उत्पादक कार्यबल के रूप में तैयार किया जाए। मंथन के प्रमुख बिंदु:
- कौशल और उत्पादकता: रोजगार क्षमता बढ़ाने के लिए आधुनिक कौशल विकास पर जोर।
- शिक्षा सुधार: प्रारंभिक बाल्यावस्था (ECCE) से लेकर उच्च शिक्षा तक नवाचार को बढ़ावा।
- प्रशासनिक दक्षता: नीतियों के प्रभावी क्रियान्वयन और शासन सुधारों पर गहन चर्चा।
- खेल और सर्वांगीण विकास: युवाओं की शारीरिक और मानसिक क्षमता को निखारना।
झारखंड टीम की सक्रिय भागीदारी
झारखंड के मुख्य सचिव श्री अविनाश कुमार के नेतृत्व में राज्य के उच्चाधिकारियों ने सम्मेलन के विभिन्न सत्रों में हिस्सा लिया। टीम ने राज्य में लागू किए गए नवाचारों, जैसे शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम और बाल विकास योजनाओं के तथ्यों को साझा किया। झारखंड का प्रतिनिधित्व करने वाले अधिकारी: श्री अविनाश कुमार (मुख्य सचिव), श्री कृपानंद झा (सचिव, कल्याण विभाग), श्री मुकेश कुमार (सचिव, योजना एवं विकास), श्री राजीव रंजन (विशेष सचिव)
परिणामोन्मुख प्रशासनिक व्यवस्था की ओर कदम
यह सम्मेलन देश की प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक सक्षम और समन्वित बनाने की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। साझा प्रयासों से अब राज्यों में भविष्य-उन्मुख और जन-केंद्रित विकास की योजनाओं को गति मिलेगी।
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