
Jharkhand: पश्चिमी सिंहभूम जिले के पुलिस अधीक्षक राकेश रंजन ने जानकारी दी है कि टोकलो थाना क्षेत्र और सरायकेला-खरसावां जिले के कुचाई थाना क्षेत्र की सीमा पर जंगलों में भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री छिपाई गई थी।
आज दि-20.07.25 को चाईबासा पुलिस,सरायकेला-खरसावां पुलिस,CRPF,JJ द्वारा संचालित नक्सल विरोधी अभियान के दौरान टोकलो एवं सरायकेला-खरसावां जिला के कुचाई @jhar_governor @JharkhandCMO @HMOIndia @JharkhandPolice @Michaelraj_ips @crpfindia @CRPF_Jharkhand @SaraikelaPolice @DC_chaibasa pic.twitter.com/6Lj0UaLmNV
— Chaibasa Police (@ChaibasaPolice) July 20, 2025
यह जानकारी उन्हें विश्वसनीय खुफिया स्रोतों से मिली, जिसके आधार पर तुरंत कार्रवाई की योजना बनाई गई।
Jharkhand News” नक्सल विरोधी अभियान के खिलाफ साजिश
सूत्रों के अनुसार, जंगल में छिपाई गई इन विस्फोटक सामग्रियों का उद्देश्य चल रहे नक्सल विरोधी अभियानों को विफल करना था। माओवादियों ने सुरक्षा बलों की आवाजाही और तलाशी अभियानों को बाधित करने के लिए इन IEDs (इंप्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) को जंगल में अलग-अलग जगहों पर दबा रखा था। इन विस्फोटकों में इतनी क्षमता थी कि यदि विस्फोट होता, तो बड़े पैमाने पर जान-माल का नुकसान हो सकता था।
Jharkhand News: सुरक्षा बलों की संयुक्त कार्रवाई
खुफिया इनपुट मिलने के बाद सुरक्षा बलों ने एक संयुक्त अभियान शुरू किया। इसमें झारखंड पुलिस, सीआरपीएफ और बम निरोधक दस्ते की टीमों ने हिस्सा लिया। कई घंटे तक चले सघन तलाशी अभियान में 14 आईईडी को सुरक्षित रूप से डिफ्यूज किया गया। इसके अलावा, एक हैंड ग्रेनेड भी बरामद किया गया, जिसे माओवादी हमले में उपयोग करने की तैयारी में थे।
Jharkhand News: जनता की सुरक्षा प्राथमिकता
एसपी राकेश रंजन ने कहा कि “सुरक्षा बलों की सतर्कता और समन्वित कार्रवाई से एक बड़ी साजिश को नाकाम किया गया है। हमारा लक्ष्य है कि आम जनता भयमुक्त होकर जीवन यापन करे और नक्सली गतिविधियों पर पूरी तरह रोक लगाई जाए।” उन्होंने यह भी बताया कि जंगल में लगातार सर्च ऑपरेशन जारी रहेगा, ताकि किसी भी प्रकार के छिपे खतरे को समाप्त किया जा सके।
तकनीकी सहायता से बढ़ी क्षमता
अधिकारियों ने बताया कि ड्रोन, मेटल डिटेक्टर और ट्रैकिंग डिवाइसेज़ की मदद से इन विस्फोटकों का पता लगाया गया। यह दर्शाता है कि अब सुरक्षा बल आधुनिक तकनीकों का उपयोग करके नक्सली नेटवर्क को कमजोर कर रहे हैं और जंगलों में भी उनकी पकड़ को चुनौती दे रहे हैं।
नक्सलियों के खिलाफ कार्रवाई जारी
बरामदगी के बाद पूरे क्षेत्र में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है। पुलिस और अर्धसैनिक बलों की टीम इलाके में गश्त कर रही है। वहीं, माओवादियों की गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जा रही है। जल्द ही इन घटनाओं के पीछे शामिल माओवादियों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
यह सफलता दर्शाती है कि झारखंड पुलिस और सुरक्षा बल नक्सलियों के इरादों को सफल नहीं होने देंगे। राज्य सरकार और सुरक्षा एजेंसियां मिलकर प्रदेश को नक्सलमुक्त बनाने की दिशा में लगातार प्रयासरत हैं। जनता को भी सतर्क रहने और संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तुरंत पुलिस को देने की अपील की गई है।



