झारखंड की सियासत गरमाई: भाजपा प्रभारी के बयान पर JMM-कांग्रेस का पलटवार

भाजपा प्रदेश प्रभारी गजेंद्र सिंह पटेल के बयान पर झारखंड में सियासी विवाद तेज। मंत्री योगेंद्र प्रसाद, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश और इरफान अंसारी ने पलटवार किया।

झारखंड की सियासत गरमाई: भाजपा प्रभारी के बयान पर JMM-कांग्रेस का पलटवार, आदिवासी राजनीति पर बढ़ा विवाद

गजेंद्र सिंह पटेल के आरोपों पर मंत्री योगेंद्र प्रसाद, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश और स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने साधा निशाना; 2039 तक सरकार में वापसी को लेकर भी हुई बयानबाजी

रांची: झारखंड की राजनीति में आदिवासी समाज और राजनीतिक वर्चस्व को लेकर बयानबाजी तेज हो गई है। भाजपा के प्रदेश प्रभारी गजेंद्र सिंह पटेल के झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) और कांग्रेस पर दिए गए बयान के बाद सत्ता पक्ष ने तीखा पलटवार किया है। झामुमो और कांग्रेस के नेताओं ने भाजपा पर आदिवासी समाज को लेकर राजनीति करने और राज्य की जनता को गुमराह करने का आरोप लगाया है।

विवाद की शुरुआत गजेंद्र सिंह पटेल के उस बयान से हुई, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया कि झामुमो और कांग्रेस ने राज्य के आदिवासियों को बरगलाकर और भ्रमित करके सत्ता हासिल की है। उनके बयान के बाद राज्य के राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई।

योगेंद्र प्रसाद का पलटवार: 2039 तक कोई वैकेंसी नहीं

भाजपा के आरोपों पर झारखंड सरकार के मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने कड़ा जवाब दिया। उन्होंने कहा कि भाजपा को यह समझ लेना चाहिए कि झारखंड में साल 2039 तक सरकार में आने की कोई गुंजाइश या वैकेंसी नहीं है।

योगेंद्र प्रसाद ने कहा कि झारखंड के लोग अपने सम्मान के साथ कभी समझौता नहीं करते। उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि पार्टी को राज्य में करीब 17 साल तक शासन करने का अवसर मिला, लेकिन उसने जनता को ठगने का काम किया।

मंत्री ने दावा किया कि भाजपा चाहे कितने भी प्रदेश प्रभारी बदल ले या नई रणनीति बना ले, राज्य की जनता उसकी राजनीति को समझ चुकी है और पार्टी के प्रयास सफल नहीं होंगे।

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने भाजपा पर लगाया आदिवासी चेहरों के इस्तेमाल का आरोप

भाजपा प्रदेश प्रभारी के बयान पर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि झारखंड का जागरूक आदिवासी समाज मजबूती के साथ वर्तमान हेमंत सरकार के साथ खड़ा है।

उन्होंने भाजपा पर आरोप लगाया कि पार्टी राजनीतिक लाभ के लिए आदिवासी चेहरों का इस्तेमाल करती रही है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने दावा किया कि राज्य का आदिवासी समाज भाजपा के साथ जाने वाला नहीं है।

इरफान अंसारी बोले- ‘यह झारखंड है, छत्तीसगढ़ नहीं’

इस पूरे विवाद में झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने भी भाजपा प्रदेश प्रभारी पर निशाना साधा। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा, “यह झारखंड है, छत्तीसगढ़ नहीं।”

इरफान अंसारी ने आरोप लगाया कि दूसरे राज्यों से आने वाले भाजपा नेताओं को जो स्क्रिप्ट दी जाती है, वे उसी को दोहराते हुए झारखंड पहुंचते हैं। उन्होंने दावा किया कि राज्य के आदिवासी और मूलवासी किसी भी कीमत पर भाजपा के साथ नहीं जाने वाले हैं।

आदिवासी राजनीति को लेकर तेज हुई बयानबाजी

गजेंद्र सिंह पटेल के बयान के बाद भाजपा और सत्ता पक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। भाजपा ने झामुमो-कांग्रेस पर आदिवासी समाज को भ्रमित कर सत्ता हासिल करने का आरोप लगाया है, जबकि झामुमो और कांग्रेस के नेताओं ने भाजपा की राजनीति पर सवाल उठाए हैं।

फिलहाल इस बयानबाजी ने झारखंड की राजनीति में आदिवासी समाज और राजनीतिक प्रतिनिधित्व को लेकर बहस को और तेज कर दिया है।

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