
Jharkhand Politics: झारखंड की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के विदेश दौरे से लौटते ही राज्य मंत्रिमंडल में फेरबदल की संभावनाएं प्रबल मानी जा रही हैं।
वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (दावोस) से 28 जनवरी तक उनकी वापसी के साथ ही सरकार में कई अहम निर्णय लिए जा सकते हैं।
Jharkhand Politics: किन विभागों पर लटकी है तलवार?
राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि यह फेरबदल केवल रिक्त पदों को भरने तक सीमित नहीं होगा, बल्कि कई मौजूदा मंत्रियों के विभागों में भी कैंची चल सकती है। सूत्रों के अनुसार, कृषि और स्वास्थ्य जैसे महत्वपूर्ण विभागों में बदलाव संभव है। सरकार मंत्रियों के पिछले प्रदर्शन की समीक्षा कर रही है और जिन विभागों में काम की गति धीमी रही है, वहां नए चेहरों को जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है।
कांग्रेस विधायकों की नाराजगी और समीकरण
गठबंधन सरकार में शामिल कांग्रेस के कुछ विधायकों की नाराजगी भी इस फेरबदल की एक बड़ी वजह मानी जा रही है। लंबे समय से चल रही असंतुष्टि को दूर करने और सरकार की छवि को सुधारने के लिए मुख्यमंत्री कड़े फैसले ले सकते हैं। दावोस यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य में निवेश लाने पर जोर दिया है, लेकिन घर वापसी पर उन्हें पहले अपनी राजनीतिक टीम को पुनर्गठित करने की चुनौती का सामना करना होगा।



