Jharkhand News: झारखंड के बोकारो जिले में अवैध बालू खनन का खेल लगातार गहराता जा रहा है। चास प्रखंड स्थित दामोदर और इजरी नदी से हर दिन 500 से अधिक ट्रैक्टरों के जरिए बालू का अवैध उठाव और परिवहन किया जा रहा है। हैरानी की बात यह है कि जिला प्रशासन द्वारा सख्त रोक और लगातार छापेमारी के दावों के बावजूद यह कारोबार बेखौफ जारी है।
विभिन्न घाटों से दिन-रात बालू की हो रही निकासी: Jharkhand News
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, नदी के विभिन्न घाटों से दिन-रात बालू की निकासी हो रही है। अवैध कारोबारी ट्रैक्टरों के साथ-साथ हाइवा और बड़े ट्रकों का इस्तेमाल कर बालू को पश्चिम बंगाल सहित अन्य राज्यों तक भेज रहे हैं। इस पूरे खेल से सरकार को हर महीने लाखों रुपये के राजस्व का नुकसान हो रहा है।
नदियों का अस्तित्व खतरे में: Jharkhand News
सिर्फ आर्थिक नुकसान ही नहीं, बल्कि पर्यावरण पर भी इसका गंभीर असर पड़ रहा है। अनियंत्रित खनन के कारण दामोदर और इजरी नदियों का अस्तित्व खतरे में पड़ता जा रहा है। नदी की धारा, जलस्तर और प्राकृतिक संतुलन पर इसका सीधा प्रभाव देखा जा रहा है।
कई छोटी योजनाएं हो रही प्रभावित: Jharkhand News
वहीं, बालू की कमी का असर अब विकास योजनाओं पर भी दिखने लगा है। प्रधानमंत्री आवास योजना समेत कई छोटी योजनाएं प्रभावित हो रही हैं। लाभुकों को निर्माण कार्य में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, जिससे योजनाओं की गति धीमी पड़ गई है।
प्रशासन की कार्रवाई और जमीनी हकीकत के बीच का यह अंतर कई सवाल खड़े कर रहा है। अगर समय रहते इस पर सख्त नियंत्रण नहीं किया गया, तो आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है।



