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Jharkhand News: हजारीबाग में जनाक्रोश चरम पर, गिरफ्तारी नहीं तो आंदोलन तेज करने की चेतावनी

बेटी को न्याय दिलाने की मांग, हजारीबाग में बाजार-यातायात ठप

Jharkhand News: झारखंड के हजारीबाग जिले के विष्णुगढ़ थाना क्षेत्र में एक नाबालिग बच्ची के साथ हुई दरिंदगी और उसकी मौत ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है। इस घटना के विरोध में भारतीय जनता पार्टी द्वारा बुलाए गए बंद का सोमवार को जिलेभर में व्यापक असर देखने को मिला। शहर से लेकर गांव तक बाजार, दुकानें और यातायात लगभग ठप रहा। लोगों ने स्वेच्छा से बंद का समर्थन करते हुए पीड़िता को न्याय दिलाने की मांग की। घटना को एक सप्ताह बीत जाने के बावजूद पुलिस द्वारा आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने से आम जनता में भारी आक्रोश है।

हाई कोर्ट सख्त, अधिकारियों से मांगा जवाब: Jharkhand News

इस संवेदनशील मामले में झारखंड हाई कोर्ट ने स्वतः संज्ञान लेते हुए सख्त रुख अपनाया है। सोमवार को हुई सुनवाई में अदालत ने राज्य के गृह सचिव, डीजीपी और हजारीबाग एसपी को पक्षकार बनाते हुए जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया। अदालत ने घटना की वीभत्सता पर गहरी चिंता जताई और पीड़िता के परिवार को पर्याप्त सुरक्षा मुहैया कराने के भी निर्देश दिए हैं।

आंदोलन तेज करने की चेतावनी: Jharkhand News

इस मामले को लेकर हजारीबाग से भाजपा सांसद मनीष जायसवाल ने जिला प्रशासन को चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि यदि जल्द आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उन्होंने फिलहाल हजारीबाग बंद की बात कही, लेकिन जरूरत पड़ने पर पूरे झारखंड को बंद करने की चेतावनी भी दी। सांसद ने कहा कि एक मां अपनी बेटी के लिए इंसाफ मांग रही है और यह घटना इंसानियत को शर्मसार करने वाली है।

“अपराधियों का मनोबल बढ़ा” – भाजपा: Jharkhand News

भाजपा नेत्री शेफाली गुप्ता ने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि वर्तमान सरकार में अपराधियों का मनोबल बढ़ गया है और कानून का डर खत्म होता जा रहा है। उन्होंने मामले में त्वरित और कठोर कार्रवाई की मांग की।

सड़कों पर उतरे लोग, फांसी की मांग

घटना को लेकर स्थानीय लोगों में जबरदस्त आक्रोश है। जगह-जगह प्रदर्शन और नारेबाजी हुई। लोग दोषियों को जल्द गिरफ्तार कर फांसी की सजा देने की मांग कर रहे हैं।

क्या है पूरा मामला

बताया जा रहा है कि बच्ची 24 मार्च की रात से लापता थी। अगले दिन उसका शव खेत में क्षत-विक्षत अवस्था में मिला। ग्रामीणों के अनुसार, पत्थर से हमला कर उसके चेहरे को बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया गया था। बच्ची के पिता मुंबई में मजदूरी करते हैं। यह घटना सिर्फ एक आपराधिक मामला नहीं, बल्कि कानून-व्यवस्था और सामाजिक संवेदनशीलता पर बड़ा सवाल खड़ा करती है। अब सबकी नजर प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी है-क्या पीड़िता को न्याय मिलेगा और दोषियों को सजा?

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