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झारखंड बजट सत्र ; जल संसाधन मंत्री Hafijul Hasan  का बड़ा दावा-50 साल का काम 5 साल में करेंगे पूरा

रांची: झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के 12वें दिन जल संसाधन विभाग के बजट अनुदान पर चर्चा के दौरान जल संसाधन मंत्री Hafijul Hasan ने बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि विभाग में जो काम पिछले 50 वर्षों में नहीं हो पाया, उसे वे आने वाले 5 वर्षों में करके दिखाएंगे। इसके लिए उन्होंने विपक्ष से भी सहयोग की अपील की। मंत्री ने बताया कि विभाग की एक नई योजना के तहत 120 तालाबों में पानी का स्टॉक किया जाएगा, जिससे जल संरक्षण और सिंचाई की सुविधा को मजबूत किया जा सकेगा।

भूमि और विस्थापन पर गंभीरता जरूरी: बाबूलाल मरांडी

इससे पहले नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने झारखंड में भूमि से जुड़े कानूनों और विस्थापन के मुद्दे को उठाया। उन्होंने कहा कि राज्य में जमीन से जुड़े दो एक्ट लागू हैं, लेकिन कई बार लोगों की जमीन चली जाती है और उन्हें पलायन करना पड़ता है। उन्होंने सरकार से मांग की कि अगर किसी की जमीन अधिग्रहित की जाती है तो उसे कहीं और जमीन देकर पुनर्वास सुनिश्चित किया जाए। सरकार को भूमि और विस्थापन के मुद्दे पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।

डैम से रोजगार और सिंचाई को मिला लाभ

देवघर के विधायक सुरेश पासवान ने कहा कि राज्य में बने डैमों से लोगों को रोजगार के अवसर भी मिले हैं। उन्होंने पतरातू, चांडिल, मैथन, मसानजोर और स्वर्णरेखा जैसे डैमों का उदाहरण देते हुए कहा कि इन जगहों पर मछली पालन के जरिए स्थानीय लोगों को रोजगार मिला है और किसानों को सिंचाई के लिए पानी भी उपलब्ध हो रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा पेश किया गया बजट किसानों और ग्रामीणों के लिए राहत देने वाला है।

बिजली समस्या पर उठे सवाल

डुमरी विधायक जयराम महतो ने सदन में बिजली आपूर्ति से जुड़ी समस्याओं का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि कई इलाकों में ट्रांसफार्मर जलने या बिजली के तार खराब होने के बाद लंबे समय तक बिजली बहाल नहीं हो पाती, जिससे आम लोगों को परेशानी होती है। उन्होंने यह भी पूछा कि ऐसी स्थिति में उपभोक्ता अपनी शिकायत कहां दर्ज कराएं, क्योंकि अधिकांश लोगों को इसकी जानकारी नहीं होती।

जल्द जारी होगा टोल-फ्री नंबर

इस पर ऊर्जा मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने कहा कि ट्रांसफार्मर खराब होने की स्थिति में ग्रामीणों को निजी खर्च से मरम्मत कराने की जरूरत नहीं है। उपभोक्ता एक्जीक्यूटिव इंजीनियर या संबंधित डिवीजन कार्यालय में शिकायत दर्ज करा सकते हैं। उन्होंने बताया कि गर्मी के मौसम को देखते हुए विभाग जल्द ही बिजली शिकायतों के लिए एक टोल-फ्री नंबर जारी करने की तैयारी कर रहा है, ताकि लोग आसानी से अपनी समस्या दर्ज करा सकें।

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