
रांची: हजारीबाग के विष्णुगढ़ (कुसुंबा) में मासूम बच्ची की निर्मम हत्या के बाद झारखंड की राजनीति में उबाल आ गया है। इस बीच भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने देर रात आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में बड़ा फैसला लेते हुए अपने घोषित आंदोलन कार्यक्रमों को वापस लेने का ऐलान किया है।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने कहा कि 3 अप्रैल को प्रस्तावित मशाल जुलूस और 9 अप्रैल को बुलाया गया झारखंड बंद अब नहीं किया जाएगा। उन्होंने दावा किया कि पार्टी के विरोध, हजारीबाग बंद और लगातार दबाव के कारण ही पुलिस ने जल्दबाजी में कार्रवाई करते हुए मामले का खुलासा किया और आरोपियों की गिरफ्तारी संभव हो सकी।
न्यायिक जांच की मांग
प्रेस कॉन्फ्रेंस में आदित्य साहू ने पुलिस की जांच पर सवाल उठाते हुए कहा कि जो ‘बलि’ की थ्योरी सामने रखी जा रही है, वह संदेहास्पद है। उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय न्यायिक जांच होनी चाहिए, ताकि सच्चाई सामने आ सके। साथ ही उन्होंने पोक्सो एक्ट के संभावित उल्लंघन की भी गहन जांच की मांग की।
सत्ता पक्ष पर साधा निशाना
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कांग्रेस और झामुमो पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने सवाल उठाया कि जब पिछले कई दिनों से बच्ची को न्याय दिलाने के लिए आंदोलन चल रहा था, तब सत्ता पक्ष के नेता कहां थे। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार संवेदनशील मामलों में गंभीर नहीं है।
तुष्टीकरण और कानून-व्यवस्था पर सवाल
साहू ने कहा कि राज्य में बढ़ती हत्या, दुष्कर्म और पर्व-त्योहारों के दौरान पत्थरबाजी की घटनाएं सरकार की तुष्टीकरण नीति का नतीजा हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस प्रशासन का उपयोग अपराध रोकने के बजाय अवैध बालू, कोयला और पत्थर कारोबार से वसूली में किया जा रहा है।
भाजपा की चेतावनी
भाजपा ने साफ कहा कि अगर राज्य में बेटियों के खिलाफ अपराध नहीं रुके और खनिजों की अवैध लूट जारी रही, तो पार्टी कार्यकर्ता चुप नहीं बैठेंगे और आगे और बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
फिलहाल, भाजपा के आंदोलन वापस लेने के फैसले के बावजूद यह मुद्दा राजनीतिक रूप से गर्म बना हुआ है और आने वाले दिनों में इस पर सियासत और तेज होने की संभावना है।



