रांची: Jharkhand में बाल विवाह एक गंभीर सामाजिक चुनौती बना हुआ है। यूनिसेफ (UNICEF) के ताजा आंकड़ों के अनुसार, राज्य में आज भी 32 प्रतिशत बच्चों का विवाह उम्र से पहले कर दिया जाता है।
In Ranchi today, a conversation today with and on Adolescents =
Awareness 🧠 Aspirations
Access 🔑
Agency ✊ Accountability 📊.
Their Rights = Our Responsibility. @SocialWelfareJH @JEPC_JH @UNICEFIndia #ForEveryChildEveryRight pic.twitter.com/H7GAcHrQtl— Soledad Herrero (@SoledadHerrero) February 9, 2026
इस कुप्रथा को जड़ से समाप्त करने के लिए यूनिसेफ ने झारखंड सरकार के साथ मिलकर वर्ष 2029 तक झारखंड को बाल विवाह मुक्त बनाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है।
सोमवार को रांची के विश्वा प्रशिक्षण केंद्र में ‘किशोर सशक्तिकरण एवं बाल विवाह उन्मूलन’ विषय पर एक राज्य स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस परामर्श सत्र में सामाजिक संगठनों, विशेषज्ञों और बाल पत्रकारों ने शिरकत की।
Jharkhand: किशोर आबादी और चुनौतियां
झारखंड की कुल जनसंख्या का लगभग 22 प्रतिशत हिस्सा किशोर-किशोरियों का है। कार्यशाला में विशेषज्ञों ने बताया कि यह आबादी कई गंभीर समस्याओं से जूझ रही है:
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एनीमिया और पोषण: किशोरियों में खून की कमी एक बड़ी बाधा है।
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शिक्षा का अभाव: स्कूल छोड़ने (Drop-out) की उच्च दर और कौशल विकास के सीमित अवसर।
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स्वास्थ्य जोखिम: कम उम्र में गर्भधारण और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याएं।
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डिजिटल जोखिम: ऑनलाइन सुरक्षा और आधुनिक सामाजिक चुनौतियां।
यूनिसेफ का विजन: डॉ. कनीनिका मित्र
यूनिसेफ झारखंड की प्रमुख डॉ. कनीनिका मित्र ने कहा कि यद्यपि राज्य में बाल विवाह की स्थिति में पहले से सुधार हुआ है, लेकिन 32% का आंकड़ा अब भी चिंताजनक है। उन्होंने बताया कि सरकार लड़कियों की शिक्षा, सामाजिक सुरक्षा और मासिक धर्म स्वच्छता (Menstrual Hygiene) जैसे क्षेत्रों में जिला स्तर पर कार्ययोजनाएं चला रही है। यूनिसेफ इन नीतियों में किशोरों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए सरकार का सहयोग जारी रखेगा।
Jharkhand : रणनीतिक निवेश की आवश्यकता
यूनिसेफ इंडिया की चीफ ऑफ फील्ड सर्विसेज सोलेडैड हेरेरो ने जोर देकर कहा कि किशोरावस्था अवसरों की खिड़की है। उन्होंने कहा, “किशोरों की शिक्षा, स्वास्थ्य और कौशल में निवेश करके ही लंबे समय तक सामाजिक और आर्थिक लाभ प्राप्त किया जा सकता है। हमें नीति-निर्माण के केंद्र में किशोरों को रखना होगा।”
सरकार की प्राथमिकता: किरण कुमारी पासी
झारखंड महिला विकास सोसायटी की निदेशक किरण कुमारी पासी ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार लड़कियों की शिक्षा पूरी करने और उन्हें गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य एवं संरक्षण देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा:
“हम जनजातीय और दूरदराज के क्षेत्रों तक पहुँचने के लिए विभिन्न विभागों के बीच समन्वय मजबूत कर रहे हैं। हमारा लक्ष्य एक ऐसा वातावरण तैयार करना है जहाँ हर किशोर अपनी पूरी क्षमता को पहचान सके।”
बाल पत्रकारों की आवाज
कार्यशाला का विशेष आकर्षण बाल पत्रकार और किशोर समूह रहे, जिन्होंने अपनी मांगों और सुझावों को अधिकारियों के सामने रखा। बैठक में रांची के जिला शिक्षा अधीक्षक बादल राज, JSLPS के प्रतिनिधि और कई सामाजिक संगठनों के विशेषज्ञ भी मौजूद रहे।
Jharkhand: बाल विवाह के विरुद्ध मिशन 2029
| मुख्य लक्ष्य | विवरण |
| वर्तमान स्थिति | 32% बाल विवाह (चिंताजनक) |
| डेडलाइन | वर्ष 2029 तक बाल विवाह मुक्त झारखंड |
| प्रमुख स्तंभ | शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण और सशक्तिकरण |
| रणनीति | सरकारी विभागों, NGO और समुदायों के बीच समन्वय |
Tags: Child Marriage Jharkhand, UNICEF Jharkhand, Mission 2029 Jharkhand, Adolescent Empowerment, Ranchi News, Hemant Soren Government, Social Issues Jharkhand



