जंतर-मंतर प्रदर्शन में पुलिस कार्रवाई का आरोप: छात्रा नूतन टोप्पो ने सुनाई आपबीती, बोलीं- कान के पास से गुजरी गोली, करानी पड़ी सर्जरी
Ranchi: जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन के दौरान कथित पुलिस कार्रवाई को लेकर झारखंड प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में प्रेस वार्ता आयोजित की गई। इस दौरान प्रदर्शन में शामिल छात्रा नूतन टोप्पो ने घटना को लेकर अपना अनुभव साझा किया और पुलिस कार्रवाई पर गंभीर आरोप लगाए।
नूतन टोप्पो ने दावा किया कि प्रदर्शन के दौरान उनके कान के बेहद करीब से गोली गुजरी, जिसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया और कान की सर्जरी करानी पड़ी। हालांकि छात्रा की ओर से लगाए गए इन आरोपों पर पुलिस या संबंधित प्रशासन का पक्ष सामने आने पर उसे भी खबर में शामिल किया जाना आवश्यक होगा।
शांतिपूर्ण प्रदर्शन पर लाठीचार्ज का लगाया आरोप
नूतन टोप्पो ने कहा कि छात्र-छात्राएं अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे थे। प्रदर्शनकारी संसद की ओर जाना चाहते थे, लेकिन उन्हें आगे बढ़ने की अनुमति नहीं दी गई और रास्ते में बैरिकेडिंग की गई थी।
उन्होंने आरोप लगाया कि इसके बाद प्रदर्शनकारियों पर आंसू गैस के गोले छोड़े गए और लाठीचार्ज किया गया। लगातार आंसू गैस छोड़े जाने के कारण प्रदर्शनकारियों के बीच अफरा-तफरी की स्थिति बन गई और लोग इधर-उधर भागने लगे।
सुरक्षाकर्मियों की पहचान को लेकर भी उठाए सवाल
छात्रा ने दावा किया कि प्रदर्शन के दौरान उन्हें राजीव चौक तक ले जाया गया। वहां मौजूद कई सुरक्षाकर्मियों की वर्दी पर नेम प्लेट या पहचान से संबंधित जानकारी दिखाई नहीं दे रही थी। उन्होंने कुछ सुरक्षाकर्मियों के हथियारों के साथ तैनात होने का भी दावा किया।
नूतन का आरोप है कि प्रदर्शनकारी पार्क के अंदर चले गए, इसके बावजूद वहां आंसू गैस छोड़ी गई।
‘गोली कान के बेहद करीब से गुजरी’
प्रेस वार्ता में नूतन टोप्पो ने दावा किया कि इसी दौरान गोली चलने की घटना हुई और एक गोली उनके कान के बेहद करीब से गुजरी। इसके बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
उन्होंने बताया कि घटना के बाद उन्हें गंभीर हालत में अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनके कान की सर्जरी की गई।
अभी भी सुनने में हो रही परेशानी
नूतन टोप्पो के मुताबिक, वह गुरुग्राम में रहकर पढ़ाई करने के साथ काम भी करती हैं। घटना के बाद से उन्हें सुनने में परेशानी हो रही है और उनका इलाज अभी जारी है।
झारखंड प्रदेश कांग्रेस ने इस मामले को लेकर कथित पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। वहीं छात्रा द्वारा गोली चलने और पुलिस कार्रवाई को लेकर लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि इस रिपोर्ट में नहीं की गई है।
