
Jamshedpur: झारखंड की सांस्कृतिक राजधानी जमशेदपुर का करनडीह इलाका आज संताली भाषा के सम्मान और गौरव का साक्षी बना। 22वें संताली “परसी महा” और ओलचिकी लिपि के शताब्दी वर्ष के भव्य समापन समारोह में राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु, राज्यपाल श्री संतोष कुमार गंगवार और मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन एक साथ शामिल हुए।
राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु, राज्यपाल श्री @santoshgangwar के साथ पूर्वी सिंहभूम के करनडीह स्थित जाहेरथान परिसर में संताली भाषा की ओलचिकी लिपि के शताब्दी वर्ष समारोह में शामिल हुए मुख्यमंत्री श्री @HemantSorenJMM @rashtrapatibhvn #JharkhandSeJohar pic.twitter.com/DHyAAf4zsG
— Office of Chief Minister, Jharkhand (@JharkhandCMO) December 29, 2025
Jamshedpur News: जाहेरथान में पूजा और गुरु गोमके को नमन
समारोह की शुरुआत में तीनों विशिष्ट अतिथियों ने करनडीह जाहेरथान में पारंपरिक विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर राज्य की सुख-समृद्धि की कामना की। इसके बाद उन्होंने ओलचिकी लिपि के आविष्कारक गुरु गोमके पंडित रघुनाथ मुर्मू की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
संताली शिक्षा के लिए सरकार का संकल्प
मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने समारोह को संबोधित करते हुए आदिवासी समाज के लिए कई महत्वपूर्ण बातें कहीं:
-
शिक्षा की गारंटी: उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि झारखंड के विद्यालयों में ओलचिकी लिपि के माध्यम से संताली भाषा की पढ़ाई सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता है।
-
भाषा का संरक्षण: जनजातीय भाषाओं को सुरक्षित और समृद्ध बनाने के लिए सरकार निरंतर प्रयास कर रही है।
-
विद्वानों का सम्मान: मुख्यमंत्री ने संताली साहित्य और भाषा के विकास में योगदान देने वाले बुद्धिजीवियों को सम्मानित कर अपनी खुशी जाहिर की।
राष्ट्रपति के प्रति मुख्यमंत्री का आभार
मुख्यमंत्री ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु की सराहना करते हुए कहा कि उनके प्रयासों से आज वैश्विक पटल पर आदिवासी समाज का मान-सम्मान बढ़ा है। राष्ट्रपति भवन में आदिवासी संस्कृति और परंपराओं को मिल रही जगह समाज के सशक्तिकरण का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति जी की जितनी प्रशंसा की जाए, वह कम होगी।
“पंडित रघुनाथ मुर्मू अमर रहेंगे”
ओलचिकी लिपि के 100 वर्ष पूरे होने पर मुख्यमंत्री ने कहा कि पंडित रघुनाथ मुर्मू ने एक शताब्दी पहले इस समाज को जो पहचान दी थी, वह अविस्मरणीय है। जब तक यह लिपि और संताल समाज रहेगा, गुरु गोमके का नाम अमर रहेगा।
समारोह की गरिमा
इस ऐतिहासिक अवसर पर लोकसभा सांसद कालीपद सोरेन, ऑल इंडिया संताली राइटर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष लक्ष्मण किस्कू, जाहेर थान कमिटी के अध्यक्ष सीआर मांझी सहित संताली समाज के सैकड़ों गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
यह भी पढ़े: बंगाल में ‘सॉफ्ट हिंदुत्व’: Mamata Banerjee बनवाएंगी भव्य ‘महाकाल मंदिर’



