रांची समेत झारखंड के बड़े शहरों में चोरी का खतरा? लोगों से सतर्क रहने की अपील

रांची, जमशेदपुर, धनबाद और बोकारो में चोरी की घटनाओं को लेकर सतर्कता जरूरी। शादी समारोहों, बाजारों और रिहायशी इलाकों में कीमती सामान सुरक्षित रखने की सलाह।

झारखंड में चोरी की घटनाओं को लेकर सतर्कता जरूरी, रांची समेत बड़े शहरों में गिरोह की सक्रियता का दावा

शादी समारोहों, भीड़भाड़ वाले बाजारों और रिहायशी इलाकों में चोरी की आशंका, लोगों से अनजान व्यक्तियों को लेकर सतर्क रहने की अपील

रांची: झारखंड के बड़े शहरों में चोरी की घटनाओं को लेकर एक बार फिर सतर्कता बढ़ाने की जरूरत महसूस की जा रही है। रांची, जमशेदपुर, धनबाद और बोकारो जैसे शहरों में चोरी की वारदातों को अंजाम देने वाले गिरोहों की सक्रियता को लेकर चर्चा है। खबरों के मुताबिक, गिरोह के सदस्य शादी समारोहों में मेहमान बनकर प्रवेश करने से लेकर रिहायशी इलाकों में रेकी करने तक के तरीके अपनाते हैं।

राजधानी रांची में पहले भी चोरी की बड़ी घटनाएं सामने आ चुकी हैं। धुर्वा क्षेत्र के अंश-अंशिका के अपहरण और बरियातू के मैरिज हॉल में दुल्हन के गहनों की चोरी की घटनाओं के बाद इस तरह के गिरोहों को लेकर चर्चा तेज हुई थी। हालांकि, किसी भी घटना में गिरोह की संलिप्तता की पुष्टि संबंधित पुलिस जांच और आधिकारिक जानकारी के आधार पर ही की जानी चाहिए।

रिहायशी इलाकों और शादी समारोहों पर नजर रखने का दावा

बताया जाता है कि गिरोह के सदस्य सुबह से ही कुछ इलाकों में रेकी करते हैं। घरों में प्रवेश करने के लिए अलग-अलग बहाने बनाए जाने और परिवार के सदस्यों की नजर बचाकर मोबाइल, घड़ी तथा गहने चोरी करने की आशंका जताई गई है।

रांची के हरमू हाउसिंग कॉलोनी, बरियातू, रानी बागान, रातू रोड, देवी मंडप रोड और पंडरा के कुछ इलाकों को संवेदनशील बताया गया है। इसके अलावा बोकारो के चास, चिरा चास, सेक्टर-4, सेक्टर-9, सेक्टर-12 और को-ऑपरेटिव कॉलोनी तथा जमशेदपुर के कदमा और टेल्को जैसे इलाकों का भी उल्लेख किया गया है।

शादी समारोहों में भी सतर्कता जरूरी है। भीड़ का फायदा उठाकर अनजान व्यक्ति मेहमान बनकर प्रवेश कर सकते हैं और मौका मिलने पर कीमती सामान चोरी कर सकते हैं। ऐसे में आयोजकों और परिवार के सदस्यों को अपने सामान की सुरक्षा पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है।

सिग्नल और बाजारों में भी रहें सतर्क

शहरों के चौक-चौराहों और बाजारों में कुछ लोग सजावटी सामान, पेन या कार साफ करने से जुड़े उत्पाद बेचते दिखाई देते हैं। ऐसे में किसी व्यक्ति के सामान बेचने या मदद मांगने मात्र से उसे अपराधी मानना उचित नहीं है।

हालांकि, यदि कोई संदिग्ध गतिविधि दिखाई देती है, तो नागरिकों को स्वयं कानून हाथ में लेने के बजाय पुलिस को सूचना देनी चाहिए। बच्चों से जुड़े किसी भी संदिग्ध या शोषणकारी व्यवहार की जानकारी भी संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाना जरूरी है।

त्योहारी सीजन में बढ़ जाती है सतर्कता की जरूरत

दुर्गा पूजा, दीपावली और छठ जैसे त्योहारों के दौरान बाजारों, पूजा स्थलों और सार्वजनिक स्थानों पर भीड़ बढ़ जाती है। ऐसे समय में मोबाइल, पर्स, गहने और अन्य कीमती सामान की सुरक्षा को लेकर अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए।

भीड़भाड़ वाले स्थानों पर पर्स और मोबाइल सुरक्षित रखें। घर से बाहर निकलते समय दरवाजे और खिड़कियां ठीक से बंद करें। शादी समारोहों में गहनों और अन्य कीमती सामान को खुले में न छोड़ें तथा अनजान व्यक्तियों की गतिविधियों पर सामान्य सतर्कता रखें।

पुलिस की सतर्कता और नागरिकों का सहयोग जरूरी

चोरी की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए पुलिस की निगरानी के साथ नागरिकों का सहयोग भी महत्वपूर्ण है। किसी संदिग्ध गतिविधि या चोरी की घटना की जानकारी मिलने पर नजदीकी थाने को सूचना दें। बिना पुष्टि किसी व्यक्ति, समूह या समुदाय को अपराधी बताकर सोशल मीडिया पर संदेश साझा करने से बचें।

सुरक्षा के लिए सतर्क रहना जरूरी है, लेकिन किसी समुदाय या पहचान के आधार पर लोगों को संदेह के दायरे में रखना उचित नहीं है। अपराध की पुष्टि जांच और साक्ष्यों के आधार पर ही होनी चाहिए।

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