दिल्ली में ‘बिहारी’ कहने पर युवक की गोली मारकर हत्या, सियासत गरम—तेजस्वी बोले ‘क्या बिहारी होना गुनाह है?’
पटना/नई दिल्ली | रिपोर्ट
राजधानी दिल्ली में बिहार के एक युवक की कथित तौर पर ‘बिहारी’ कहने पर गोली मारकर हत्या का मामला सामने आने के बाद देशभर में आक्रोश और सियासी हलचल तेज हो गई है।
दिल्ली के द्वारका स्थित जाफरपुर कलां इलाके में खगड़िया निवासी 23 वर्षीय पांडव कुमार को गोली मार दी गई, जिससे इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इस घटना में उसका साथी कृष्णा गंभीर रूप से घायल है।
क्या है पूरा मामला?
पुलिस और प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, घटना शनिवार देर रात की है।
- पांडव अपने दोस्तों के साथ एक बर्थडे पार्टी से लौट रहा था
- इसी दौरान दिल्ली पुलिस का एक हवलदार, जो कथित तौर पर नशे में था, मौके पर पहुंचा
- आरोप है कि उसने युवकों से बहस के बाद पिस्टल निकालकर पांडव को गोली मार दी
- गोली आर-पार होकर पीछे बैठे कृष्णा को भी लग गई
घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया।
‘बिहारी’ सुनते ही भड़का आरोपी
पीड़ित के दोस्तों का आरोप है कि जब पांडव ने खुद को बिहार का रहने वाला बताया, तो आरोपी हवलदार और ज्यादा आक्रामक हो गया और गाली-गलौज करते हुए गोली चला दी।
परिवार का प्रदर्शन, गिरफ्तारी की मांग
घटना के बाद परिजनों में भारी आक्रोश है।
- थाने के बाहर प्रदर्शन किया गया
- आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी और कड़ी सजा की मांग
- परिवार ने इसे “पहचान के आधार पर हत्या” बताया
सियासी बयानबाजी तेज
इस घटना पर विपक्ष ने सरकार को घेरा है।
Tejashwi Yadav ने सवाल उठाते हुए कहा:
“क्या बिहारी होना अब देशद्रोह हो गया है?”
उन्होंने आरोप लगाया कि प्रवासी बिहारियों के साथ लगातार भेदभाव हो रहा है और सरकार इस पर गंभीर नहीं है।
वहीं सांसद Pappu Yadav ने भी पीड़ित परिवार से मुलाकात कर दोषी पर सख्त कार्रवाई की मांग की।
भोजपुरी अभिनेता Khesari Lal Yadav ने भी सोशल मीडिया पर नाराजगी जताते हुए कहा कि “देश में क्षेत्रीय भेदभाव खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है।”
बड़ा सवाल
यह घटना सिर्फ एक आपराधिक मामला नहीं, बल्कि क्षेत्रीय पहचान और प्रवासी श्रमिकों की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े कर रही है।
निष्कर्ष:
दिल्ली में हुई यह घटना बिहार और देशभर में बड़ा मुद्दा बन चुकी है। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि आरोपी की गिरफ्तारी कब होती है और पीड़ित परिवार को न्याय कैसे मिलता है।
