
मध्य पूर्व (Middle East) में जारी तनाव अब एक ऐसे मुहाने पर पहुँच गया है जहाँ से पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था डगमगा सकती है। Iran द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में दो दिनों के भीतर छह जहाजों को निशाना बनाना और इस मार्ग को बंद करने का एलान, केवल सैन्य कार्रवाई नहीं बल्कि एक वैश्विक आर्थिक युद्ध की शुरुआत है।
Iran News: क्यों खास है होर्मुज जलडमरूमध्य?
भौगोलिक दृष्टि से यह जलमार्ग ओमान और ईरान के बीच स्थित है। यह फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी और अरब सागर से जोड़ता है। इसकी अहमियत को इन बिंदुओं से समझा जा सकता है:
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दुनिया की ‘ऊर्जा नस’: वैश्विक तेल आपूर्ति का लगभग 20% (करीब 2.1 करोड़ बैरल प्रतिदिन) इसी संकरे मार्ग से होकर गुजरता है।
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गैस की सप्लाई: दुनिया की तरल प्राकृतिक गैस (LNG) का एक बड़ा हिस्सा, विशेषकर कतर से, इसी रास्ते से बाजार तक पहुँचता है।
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संकीर्ण मार्ग: इसकी चौड़ाई इतनी कम है कि जहाजों के आने-जाने के लिए केवल 2 मील चौड़ा समुद्री रास्ता ही सुरक्षित माना जाता है, जिससे इसे ब्लॉक करना आसान हो जाता है।
संघर्ष का कारण: बदला और ‘पुराना हथियार’
ईरान ने यह कदम शनिवार को अमेरिका और इजरायल द्वारा किए गए हवाई हमलों के जवाब में उठाया है। इन हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई और शीर्ष सैन्य अधिकारियों की मौत ने तेहरान को उग्र कर दिया है।
ईरान का “पुराना हथियार” दरअसल उसकी वह भौगोलिक स्थिति है, जिसका उपयोग वह दशकों से पश्चिमी देशों को झुकाने के लिए करता रहा है—यानी होर्मुज को बंद करने की धमकी। टैंकरों पर मिसाइल हमले और समुद्री मार्ग की नाकाबंदी से ईरान ने साफ कर दिया है कि यदि उसकी सुरक्षा खतरे में है, तो दुनिया की ऊर्जा सुरक्षा भी सुरक्षित नहीं रहेगी।
दुनिया पर क्या होगा असर?
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तेल की कीमतों में आग: कच्चे तेल की कीमतों में पहले ही 7% से अधिक की वृद्धि देखी गई है। यदि यह मार्ग लंबे समय तक बंद रहता है, तो पेट्रोल-डीजल की कीमतें आसमान छू सकती हैं।
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महंगाई का वैश्विक दौरा: ऊर्जा की कीमतें बढ़ने से परिवहन और उत्पादन लागत बढ़ेगी, जिससे पूरी दुनिया में महंगाई (Inflation) का नया दौर शुरू हो सकता है।
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शिपिंग रूट में बदलाव: अंतरराष्ट्रीय कंपनियों को अब अफ्रीका के ‘केप ऑफ गुड होप’ के लंबे रास्ते का उपयोग करना पड़ सकता है, जिससे माल पहुँचने में देरी और लागत में भारी इजाफा होगा।
वर्तमान स्थिति और चेतावनी
यूके मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (UKMTO) और अमेरिकी नौसेना ने सभी वाणिज्यिक जहाजों को इस क्षेत्र से दूर रहने या अत्यधिक सावधानी बरतने की सलाह दी है। ओमान और यूएई के तटों के पास हुए हमलों ने यह साबित कर दिया है कि अब कोई भी टैंकर यहाँ सुरक्षित नहीं है।



