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झारखंड के वरिष्ठ IAS अधिकारी Vinay Kumar Choubey गिरफ्तार, शराब घोटाले में मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप

रांची : झारखंड के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी और 1999 बैच के अफसर Vinay Kumar Choubey को मंगलवार को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने शराब घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार कर लिया।

चौबे को कई घंटे की पूछताछ के बाद गिरफ्तार किया गया और रांची स्थित होटवार जेल भेजा गया है। मामले में आबकारी विभाग के अन्य अधिकारियों की भी भूमिका की जांच की जा रही है।

 Vinay Kumar Choubey: क्या है मामला?

विनय कुमार चौबे पर आरोप है कि उन्होंने झारखंड में नई शराब नीति बनाते समय छत्तीसगढ़ के शराब सिंडिकेट से सांठगांठ की, जिससे राज्य सरकार को भारी आर्थिक नुकसान हुआ। एसीबी की प्रारंभिक जांच में सामने आया कि चौबे के आबकारी सचिव रहते हुए नीतिगत स्तर पर गंभीर अनियमितताएं की गईं।

इससे पहले प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने भी 2024 में चौबे और आबकारी विभाग के संयुक्त आयुक्त गजेंद्र सिंह के ठिकानों पर छापेमारी की थी। राज्य सरकार ने ACB को उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की अनुमति इसी साल की शुरुआत में दी थी।

 Vinay Kumar Choubey: गिरफ्तारी कैसे हुई?

ACB की एक टीम मंगलवार सुबह चौबे के रांची स्थित आवास पहुंची। वहां से उन्हें पूछताछ के लिए एजेंसी मुख्यालय लाया गया। करीब छह घंटे की पूछताछ के बाद चौबे को गिरफ्तार कर लिया गया। उसी दिन उन्हें विशेष अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें 3 जून तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

 Vinay Kumar Choubey: कौन-कौन हैं रडार पर?

एसीबी की जांच में आबकारी विभाग के अन्य अधिकारियों, विशेषकर संयुक्त आयुक्त गजेंद्र सिंह की भूमिका भी सवालों के घेरे में है। सिंह से भी कई बार पूछताछ की जा चुकी है। सूत्रों के मुताबिक, कुछ और अधिकारियों और व्यापारियों पर भी जांच एजेंसियों की नजर है।

क्या बोले अधिकारी?

एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, “यह गिरफ्तारी राज्य में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई की दिशा में एक बड़ा कदम है। जांच पूरी निष्पक्षता से की जा रही है और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।”

अगला कदम क्या?

अब ACB इस मामले में चार्जशीट दाखिल करने की तैयारी कर रही है। साथ ही ED भी अपने स्तर पर मनी लॉन्ड्रिंग की जांच को आगे बढ़ा रही है। राजनीतिक गलियारों में इस गिरफ्तारी की गूंज साफ सुनाई दे रही है।

पृष्ठभूमि में शराब नीति का खेल
झारखंड में वर्ष 2022-23 के दौरान लागू की गई नई शराब नीति को लेकर पहले से ही सवाल उठते रहे हैं। अब चौबे की गिरफ्तारी ने यह साबित कर दिया है कि नीति निर्माण के नाम पर पर्दे के पीछे बड़ा घोटाला चल रहा था।

📌 यह खबर लगातार अपडेट की जा रही है। अधिक जानकारी के लिए जुड़े रहें।

 

 

 

 

 

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