रांची: झारखंड के CM Hemant Soren ने अपने पिता और झारखंड अलग राज्य के प्रणेता स्वर्गीय दिशोम गुरु शिबू सोरेन को मरणोपरांत पद्म भूषण सम्मान दिए जाने की घोषणा पर केंद्र सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि गुरुजी का व्यक्तित्व राजनीतिक सीमाओं से कहीं ऊपर था और उनका जीवन अनंत संघर्षों की गाथा है।
हम सबके प्रिय, सम्माननीय और आदरणीय बाबा स्व दिशाेम गुरुजी शिबू सोरेन जी को पद्म भूषण सम्मान से घोषणा के लिए, झारखंड की समस्त जनता की ओर से मै केंद्र सरकार को हार्दिक आभार और धन्यवाद देता हूं।
स्व दिशोम गुरुजी का जीवन राजनीतिक सीमाओं से कहीं परे, अनंत तक जाता है। उनका संपूर्ण…
— Hemant Soren (@HemantSorenJMM) January 25, 2026
समता और न्याय के लिए समर्पित रहा पूरा जीवन: CM Hemant Soren
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वर्गीय गुरुजी का संपूर्ण जीवन समता, सामाजिक न्याय, आदिवासी अस्मिता और शोषित-वंचितों के अधिकारों की लड़ाई के लिए समर्पित रहा। उन्होंने कहा कि यह गुरुजी का विराट संघर्ष ही था, जिसने दशकों की लड़ाई के बाद झारखंड को अलग राज्य का दर्जा दिलाया और यहां के लोगों को ‘झारखंडी’ होने का गर्व महसूस कराया।
लद्दाख से केरल तक, जन-जन के ‘भारत रत्न’ हैं गुरुजी: CM Hemant Soren
मुख्यमंत्री ने भावनात्मक रूप से अपनी बात रखते हुए कहा कि भले ही सरकार ने उन्हें पद्म भूषण दिया हो, लेकिन झारखंड की जनता और देश भर के आदिवासी समाज के दिलों में वे किसी ‘भारत रत्न’ से कम नहीं हैं। उन्होंने कहा, “लद्दाख से लेकर केरल और राजस्थान से लेकर असम तक, देश के आदिवासी समाज के बीच भारत मां के सच्चे सपूत स्वर्गीय शिबू सोरेन जी भारत रत्न थे, हैं और सदैव रहेंगे।”
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