
सरूपथर/असम: Hemant Soren: असम विधानसभा चुनाव के प्रचार अभियान को धार देते हुए झारखण्ड के मुख्यमंत्री और झारखण्ड मुक्ति मोर्चा (JMM) के केंद्रीय अध्यक्ष हेमन्त सोरेन ने आज सरूपथर विधानसभा क्षेत्र में एक विशाल जनसभा को संबोधित किया।
आज असम के नाहरकटिया विधानसभा में चाय बागानों में कठिन परिस्थिति में काम करने वाले श्रमिकों और आदिवासी समाज की पीड़ा सुन मन अत्यंत व्यथित हुआ।
चाय बागानों में काम करने वाले लोगों को सम्मानजनक जीवन, उचित वेतन और सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करना, उनका अधिकार उन्हें देने के समान है।… pic.twitter.com/Kai1cc7Fwl
— Hemant Soren (@HemantSorenJMM) April 2, 2026
जेएमएम प्रत्याशी साहिल मुंडा के पक्ष में वोट मांगते हुए मुख्यमंत्री ने उन्हें क्षेत्र की ‘नई उम्मीद’ और सामाजिक परिवर्तन का चेहरा करार दिया।
साहिल मुंडा: झारखण्डी जज्बे और असम की माटी का संगम
मुख्यमंत्री ने जनसभा में उमड़ी भारी भीड़ का अभिवादन करते हुए कहा कि साहिल मुंडा का राजनीति में कदम रखना केवल चुनाव लड़ना नहीं, बल्कि व्यवस्था परिवर्तन की एक बड़ी लड़ाई है।
-
वंचितों की आवाज़: “साहिल मुंडा केवल एक नाम नहीं, बल्कि उन लोगों की आवाज़ हैं जिन्हें दशकों से हाशिए पर रखा गया। वे विधायक की कुर्सी के लिए नहीं, बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति को न्याय दिलाने के लिए मैदान में हैं।”
-
युवाओं का नेतृत्व: सोरेन ने युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि साहिल मुंडा युवाओं को ‘वोट बैंक’ की तरह नहीं देखते, बल्कि उन्हें आने वाले कल के नेतृत्वकर्ता के रूप में तैयार कर रहे हैं।
अस्मिता और अधिकारों की रक्षा का संकल्प: Hemant Soren
Hemant Soren ने सरूपथर की जनता को याद दिलाया कि यह चुनाव स्थानीय स्वायत्तता और झारखण्डी अस्मिता को बचाने का है।
“असम की इस माटी में हमारे झारखण्डी भाई-बहनों का खून-पसीना मिला है। साहिल मुंडा को चुनना मतलब अपने हक और अधिकार को चुनना है। जेएमएम के नेतृत्व में सरूपथर में शिक्षा, स्वास्थ्य और स्थानीय अधिकारों पर ऐतिहासिक काम किया जाएगा।”
विरोधियों पर तीखा प्रहार
Hemant Soren ने विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि अब तक इस क्षेत्र की केवल उपेक्षा हुई है। उन्होंने कहा कि साहिल मुंडा ने हमेशा पद के लालच को त्यागकर जनता के बीच रहकर संघर्ष किया है, और अब समय आ गया है कि इस संघर्ष को विधानसभा के भीतर तक पहुँचाया जाए।
असम चुनाव 2026 का समीकरण
आपको बता दें कि असम की 126 विधानसभा सीटों के लिए 9 अप्रैल, 2026 को मतदान होना है। झारखण्ड मुक्ति मोर्चा इस बार असम में मजबूती से चुनाव लड़ रही है, जहाँ चाय बागान और आदिवासी बाहुल्य क्षेत्रों में हेमन्त सोरेन की जनसभाओं को भारी जनसमर्थन मिल रहा है।
Tags: Hemant Soren Assam Visit, Sahil Munda JMM, Sarupathar Assembly 2026, Assam Election Campaign, Jharkhand Mukti Morcha, Hindi News



