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असम में गरजे Hemant Soren: आदिवासियों की एकजुटता से आएगा बड़ा बदलाव

बिस्वनाथ चारियाली/तेजपुर: झारखंड के CM Hemant Soren ने मंगलवार को असम के अपने दो दिवसीय दौरे के दौरान आदिवासी समाज की एकजुटता और अधिकारों को लेकर हुंकार भरी।

उन्होंने बिस्वनाथ चारियाली स्थित मेजिकाजन चाय बागान में एक विशाल जागरूकता जनसभा को संबोधित किया और शाम को तेजपुर के निकट नापोम जरोनी में आयोजित एक इफ्तार पार्टी में शिरकत कर सामाजिक सौहार्द का संदेश दिया।

आदिवासी अधिकारों के लिए निर्णायक लड़ाई का आह्वान: CM Hemant Soren

आदिवासी स्टूडेंट यूनियन ऑफ असम, जारी शक्ति और आदिवासी काउंसिल ऑफ असम के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस जनसभा में हजारों की संख्या में चाय बागान श्रमिक और आदिवासी समुदाय के लोग जुटे। जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा:

“यदि असम के आदिवासी एक मंच पर आ जाएं, तो राज्य में बड़ा राजनीतिक और सामाजिक बदलाव संभव है। असम का चाय उद्योग आदिवासियों के श्रम पर टिका है, लेकिन आज भी उन्हें उनका वाजिब हक और सम्मान नहीं मिला है।” प्रमुख घोषणाएं और मुद्दे:

  • एसटी दर्जा: मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि असम के आदिवासियों को अनुसूचित जनजाति (ST) का दर्जा दिलाने के लिए वे इस लड़ाई को राष्ट्रीय स्तर पर लड़ेंगे और जरूरत पड़ी तो मामला संविधान पीठ तक ले जाएंगे।

  • मजदूरी और अधिकार: उन्होंने अन्य राज्यों की तुलना में असम के चाय बागान श्रमिकों की कम मजदूरी पर चिंता व्यक्त की और ‘जल, जंगल, जमीन’ के अधिकार के लिए एकजुट होने की अपील की।

  • कड़ा संदेश: केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा, “हमें छेड़ोगे तो छोड़ेंगे नहीं।” उन्होंने स्पष्ट किया कि वे किसी भी दबाव के आगे झुकने वाले नहीं हैं।

नापोम जरोनी में इफ्तार पार्टी: भाईचारे का संदेश

मेजिकाजन की जनसभा के बाद CM Hemant Soren तेजपुर के निकट नापोम जरोनी पहुंचे। यहाँ उन्होंने स्थानीय अल्पसंख्यक समुदाय द्वारा आयोजित इफ्तार पार्टी में शिरकत की। मुख्यमंत्री ने रोजेदारों के साथ बैठकर इफ्तार किया और देश में अमन-चैन व भाईचारे की दुआ मांगी। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि विविधता में एकता ही हमारे देश की असली ताकत है।

राजनीतिक गलियारों में हलचल

विशेषज्ञों का मानना है कि हेमंत सोरेन का यह दौरा आगामी असम विधानसभा चुनावों के मद्देनजर बेहद महत्वपूर्ण है। असम में लगभग 17% आबादी ‘टी ट्राइब्स’ की है, जो दर्जनों सीटों पर निर्णायक भूमिका निभाती है। झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) अब असम में भी अपनी जड़ें मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रही है।

ये भी पढ़े: महिला दिवस पर ​CM Hemant Soren का सम्मान, झारखंड विधानसभा की महिला सदस्यों ने की हेमंत सोरेन से मुलाकात

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