6 कैदियों की रिहाई पर CM Hemant Soren सरकार की मुहर: मुख्यमंत्री ने कहा— “सिर्फ रिहाई नहीं, मुख्यधारा से जोड़ना भी है मकसद

Ranchi: CM Hemant Soren की अध्यक्षता में आज झारखंड राज्य सजा पुनरीक्षण परिषद की महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। इस बैठक में आजीवन कारावास की सजा काट रहे कैदियों की रिहाई के प्रस्तावों पर गहन समीक्षा की गई।

अदालतों, पुलिस अधीक्षकों और जेल प्रशासन के मंतव्य पर विचार करने के बाद कुल 6 कैदियों को समय पूर्व रिहा करने पर सहमति बनी है।

रिहाई के बाद ‘ट्रैकिंग और मॉनिटरिंग’ पर जोर

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि जेल से बाहर आने वाले कैदियों को लावारिस नहीं छोड़ा जाना चाहिए।

डायन कुप्रथा के खिलाफ जन-जागरूकता का आह्वान

बैठक के दौरान CM Hemant Soren ने राज्य के ग्रामीण इलाकों में व्याप्त डायन-बिसाही जैसी कुप्रथाओं पर भी चिंता जताई। उन्होंने निर्देश दिया कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए व्यापक स्तर पर जागरूकता अभियान चलाया जाए, ताकि अंधविश्वास के कारण होने वाली हिंसा को नियंत्रित किया जा सके।

बैठक में उपस्थित वरिष्ठ अधिकारी

इस उच्च स्तरीय बैठक में प्रशासनिक और न्यायिक जगत के कई दिग्गज शामिल थे:

सजा पुनरीक्षण परिषद का यह निर्णय मानवीय आधार और कैदियों के आचरण में सुधार को देखते हुए लिया गया है। मुख्यमंत्री का जोर इस बात पर है कि जेल से निकलने के बाद व्यक्ति एक जिम्मेदार नागरिक के रूप में समाज में अपनी पहचान बना सके।

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