
जम्मू-कश्मीर और हरियाणा में हुए विधानसभा चुनावों के Exit Poll के नतीजे सामने आ गए हैं, जो आगामी सरकारों की संभावनाओं पर रोशनी डाल रहे हैं।
Exit Poll: जम्मू-कश्मीर में एनसी-कांग्रेस गठबंधन का पलड़ा भारी
हरियाणा में, बीजेपी लगातार तीसरी बार सत्ता में आने की कोशिश कर रही है, जबकि कांग्रेस वापसी के लिए मजबूत दावा पेश कर रही है। वहीं, जम्मू-कश्मीर में कांग्रेस और नेशनल कॉन्फ्रेंस का गठबंधन मुकाबले में है, और यहां बीजेपी की स्थिति कुछ खास मजबूत नहीं दिख रही।
एग्जिट पोल के अनुसार, जम्मू-कश्मीर के जम्मू डिवीजन में बीजेपी का प्रदर्शन शानदार रहने का अनुमान है, जहां पार्टी को 27-31 सीटें मिल सकती हैं। पार्टी का वोट शेयर 41% से अधिक हो सकता है। दूसरी ओर, नेशनल कॉन्फ्रेंस और कांग्रेस गठबंधन को यहां 11-15 सीटें मिलने की उम्मीद है, जबकि पीडीपी को 2 सीटें मिल सकती हैं।
कश्मीर घाटी की बात करें तो बीजेपी को 0-1 सीट मिलती नजर आ रही है, जबकि एनसी-कांग्रेस गठबंधन को 29-33 सीटें मिलने का अनुमान है। पीडीपी को 6-10 सीटें और अन्य को 6-10 सीटें मिल सकती हैं। कुल मिलाकर, जम्मू-कश्मीर में नेशनल कॉन्फ्रेंस को 40-48 सीटें, बीजेपी को 27-32 सीटें, पीडीपी को 6-12 सीटें, और अन्य को 6-11 सीटें मिलने की संभावना है।
Exit Poll: हरियाणा में कांग्रेस की सत्ता में वापसी की उम्मीद
हरियाणा की बात करें तो यहां बीजेपी को झटका लगता नजर आ रहा है। एग्जिट पोल के मुताबिक, बीजेपी को सिर्फ 20-28 सीटें मिल सकती हैं। कांग्रेस की सत्ता में वापसी की प्रबल संभावना है, जहां उसे 50-58 सीटें मिलने का अनुमान है। जेजेपी को 0-2 सीटें मिल सकती हैं और अन्य को 10-14 सीटें मिलती नजर आ रही हैं। कांग्रेस का वोट शेयर 44% हो सकता है, जबकि बीजेपी का वोट शेयर 37% पर सिमट सकता है।
Exit Poll: बीजेपी का वोट शेयर घटने की संभावना
जम्मू-कश्मीर और हरियाणा में विधानसभा चुनावों के एग्जिट पोल ने विभिन्न राजनीतिक दलों की संभावनाओं को स्पष्ट किया है। जम्मू डिवीजन में बीजेपी का वोट शेयर सबसे अधिक 41% रहने का अनुमान है, जबकि नेशनल कॉन्फ्रेंस (एनसी) गठबंधन को 36.4% वोट मिलने की संभावना है। कश्मीर घाटी में, जहां बीजेपी ने सीमित सीटों पर चुनाव लड़ा, पार्टी को सिर्फ 3% वोट मिलता नजर आ रहा है। वहीं, एनसी गठबंधन को 41.1% वोट मिलने की उम्मीद है। यहां पीडीपी को 10.2% और अन्य को 28.2% वोट मिल सकते हैं।
हरियाणा विधानसभा चुनाव की बात करें तो राज्य की 90 सदस्यीय विधानसभा में जीतने के लिए जोर-शोर से चुनावी संघर्ष चल रहा है। बीजेपी लगातार तीसरी बार सत्ता में आने की कोशिश कर रही है। पार्टी ने 2014 और 2019 में सरकार बनाई थी, और अब 2024 में जीत की ‘हैट-ट्रिक’ की उम्मीद कर रही है।
हरियाणा में नायब सिंह सैनी के नेतृत्व की परीक्षा
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, जिन्होंने इस साल की शुरुआत में मनोहर लाल खट्टर की जगह ली थी, बीजेपी के चुनावी अभियान का नेतृत्व कर रहे हैं। उनके नेतृत्व में बीजेपी का प्रदर्शन महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि उनके राजनीतिक भविष्य पर भी इन चुनावों का असर पड़ेगा।
दूसरी ओर, कांग्रेस एक मजबूत विपक्ष के रूप में उभर रही है। भूपेंद्र सिंह हुड्डा, जो 10 साल से सत्ता से बाहर हैं, इस बार सत्ता में वापसी की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि कांग्रेस ने मुख्यमंत्री पद का चेहरा घोषित नहीं किया है, फिर भी पार्टी का मुख्य चेहरा हुड्डा माने जा रहे हैं।